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लखनऊ जितना चले बिजली लोड, उतना ही लें फिक्स्ड चार्ज

लखनऊ जितना चले बिजली लोड, उतना ही लें फिक्स्ड चार्ज

लखनऊ। बिजली विभाग की ओर से मनमाने तरीके से कनेक्शन का लोड बढ़ाने पर तमाम सवाल उठे हैं। सवाल यह, जब स्वीकृत से कम लोड का इस्तेमाल करते हैं तो विभाग स्वीकृत लोड का ही फिक्स्ड चार्ज क्यों वसूलता है? हर माह जितना लोड चले, उतने का फिक्स्ड चार्ज वसूलने का सीधा नियम होना चाहिए। यह प्रतिक्रिया सभी वर्ग के बिजली उपभोक्ताओं की है।स्वीकृत पांच, इस्तेमाल तीन कियाव्यापारी नेता नीलेश अग्रवाल ने बताया कि नाका की दो दुकान में पांच-पांच किलोवाट के दो कनेक्शन हैं। दोनों पर तीन-तीन किलोवाट से कम लोड चलता है, जिसका प्रतिमाह फिक्स्ड चार्ज 2250-2250 रुपये भरते है, जबकि तीन किलोवाट का फिक्स्ड चार्ज 990 रुपये बनता है।

गुपचुप कमाई कर रहा विभागग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा ने कहा कि बिजली विभाग बिजली दर न बढ़ाकर पिछले दरवाजे से उपभोक्ताओं के लोड बढ़ाकर गुपचुप तरीके से अपनी कमाई बढ़ा रहा है। ऊर्जा मंत्री से मांग है कि लोड वृद्धि वापस ली जाए।

लोड बढ़ाना जनविरोधी फैसलागोमतीनगर के विवेकखंड निवासी केके अग्रवाल ने कहा कि उनके घर में 5 किलोवाट का कनेक्शन है। शनिवार को मोबाइल पर मेसेज आया कि विद्युत लोड 6 किलोवाट कर दिया गया है। इमरजेंसी में थोड़ा ज्यादा लोड का इस्तेमाल हुआ तो उसे बढ़ा दिया। यह गलत है।
ज्यादा लोड का भरते जुुर्मानालखनऊ जनकल्याण महासमिति के उपाध्यक्ष विवेक शर्मा ने कहा कि जो उपभोक्ता स्वीकृत से ज्यादा लोड का इस्तेमाल करते हैं, वह जुर्माना भी भरते हैं, मगर विभाग इसकी आड़ में लोड बढ़ाकर स्थायी रूप से राजस्व बढ़ाने की जुगत लगा रहा है।सहालग में बढ़ जाता है लोडहोटल संचालक अनिल कुमार बरमानी ने कहा सहालग में कभी-कभी स्वीकृत से ज्यादा लोड का इस्तेमाल हो जाता है, जिसका दोगुना जुर्माना भरते है, फिर भी नोटिस आ जाता है। लोड बढ़वाने के बजाय उद्यमी जनरेटर लगा रहे हैं। इससे फिक्स्ड चार्ज बचता है।आयोग बनाए सरल नियमविनोद माहेश्वरी, अजय ब्रजवासी, इंद्रजीत बजाज, पदमेश गौर, विजय यादव, अमित, मुमताज आलम ने संयुक्त आवाज उठाई कि जितने लोड का इस्तेमाल, उतने फिक्स्ड चार्ज लेने की व्यवस्था बने। विद्युत नियामक आयोग यह सरल नियम बनाए। इससे बिजली उपभोक्ताओं का दोहन रुकेगा।

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