मेरठ : गैस एजेंसियों की मनमानी से उपभोक्ता परेशान, कम गैस देने और शिकायतों पर कार्रवाई न होने के आरोप

मेरठ में गैस एजेंसियों की मनमानी से उपभोक्ता परेशान, कम गैस देने और शिकायतों पर कार्रवाई न होने के आरोप I
रिपोर्ट – प्रवीण कुमार
ब्यूरो चीफ मेरठ
मेरठ। जिले के जेल चुंगी, प्रभात नगर, लिसाड़ी गेट, शास्त्री नगर, जागृति विहार, माधवपुरम, कंकरखेड़ा, गंगानगर, परतापुर, दिल्ली रोड, ब्रह्मपुरी, सदर, टीपीनगर, पल्लवपुरम, दौराला, मवाना, सरधना, जानी, रोहटा, भावनपुर, इंचौली, हस्तिनापुर, खरखौदा तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से गैस उपभोक्ताओं की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि कई गैस एजेंसियों द्वारा समय पर घरेलू एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। वहीं, घर-घर सिलेंडर पहुंचाने वाले कुछ डिलीवरी कर्मियों पर 1 से 2 किलोग्राम तक गैस कम होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और लोगों में भारी नाराजगी है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
लोगों का कहना है कि जब इस संबंध में गैस एजेंसी या संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जाती है तो शिकायतों पर समय से कार्रवाई नहीं होती। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सभी गैस एजेंसियों पर नियमित जांच अभियान चलाया जाए। डिलीवरी कर्मियों के पास प्रमाणित इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन होना अनिवार्य किया जाए और हर सिलेंडर का वजन उपभोक्ता के सामने कराया जाए। यदि किसी सिलेंडर में निर्धारित मात्रा से कम गैस पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे संबंधित विभाग के अधिकारियों से मिलकर ज्ञापन देंगे और आवश्यकता पड़ने पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी करेंगे। लोगों ने जिला प्रशासन और खाद्य एवं रसद विभाग से मांग की है कि गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए ताकि उपभोक्ताओं के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो और हर उपभोक्ता को पूरा गैस सिलेंडर मिले।



