जखनिया (गाजीपुर) : जखनिया में आबादी के ऊपर से जर्जर हाईटेंशन तार हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का हंगामा, स्कूल से तार हटाने गए एसडीओ जे ई का किया विरोध

जखनिया में आबादी के ऊपर से जर्जर हाईटेंशन तार हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का हंगामा, स्कूल से तार हटाने गए एसडीओ जे ई का किया विरोध

जखनिया (गाजीपुर)। जखनिया विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले पदुमपुर रामराय गांव में बुधवार शाम को कंपोजिट विद्यालय के पास से हाईटेंशन तार और खंभा हटाने पहुंचे एसडीओ और जेई सुनील कुमार मौर्य को ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने केवल स्कूल परिसर से तार हटाने की कार्रवाई को रोकते हुए पूरी आबादी के ऊपर से जर्जर तार हटाने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया।
क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2018 से घनी आबादी और स्कूल के ऊपर से जर्जर हाईटेंशन तार गुजरे हुए हैं। इन खतरनाक तारों को हटाने के लिए मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर तमाम उच्च अधिकारियों तक गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
बुधवार शाम करीब 4:00 बजे जब विद्युत विभाग की टीम केवल कंपोजिट विद्यालय से खंभा और तार हटाने पहुंची, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उनका तर्क था कि स्कूल के बजाय पूरी रिहायशी आबादी के ऊपर लटक रहे जर्जर तारों से बड़ा खतरा बना हुआ है। इसके पहले भी कई बार तार टूटने से बड़े हादसे टल चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि न तो जर्जर तारों को बदला गया है और न ही उन्हें केबल में बदला गया है, जिससे हर वक्त दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
अधिकारियों का पक्ष
विवाद की सूचना मिलते ही कोतवाली उप निरीक्षक प्रमोद सिंह, 112 पीआरवी और एसडीओ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
विद्युत विभाग के जेई सुनील कुमार मौर्य ने बताया कि वर्तमान में केवल कंपोजिट विद्यालय से खंभा और तार हटाने का ही एस्टीमेट स्वीकृत है और ठेकेदार द्वारा उसी के तहत काम कराया जा रहा था। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे फिलहाल इस काम को होने दें, और भविष्य में नया आवेदन देकर आबादी के ऊपर से भी तार हटाने का एस्टीमेट तैयार कराकर काम कराया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्रामीणों द्वारा उच्च अधिकारियों को पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्र में भी मुख्य रूप से कंपोजिट विद्यालय से ही तार हटाने की मांग की गई थी।
समाधान की कोशिश जारी
शाम 6:00 बजे तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को समझाने-बुझाने में जुटे रहे। ग्रामीण इस बात पर अड़े रहे कि केवल स्कूल का तार हटाने के बजाय पूरी आबादी को इस खतरे से सुरक्षित किया जाए।
इस दौरान ग्रामीण सड़क के रास्ते से तार ले जाने के लिए दो अतिरिक्त खंभे तक उपलब्ध कराने को तैयार दिखे, ताकि आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत का दौर जारी था।
विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रमुख रूप से मौजूद रहे ग्रामीण:
अशोक यादव, नूर ए आलम, चंदन विश्वकर्मा, विकास सिंह, इम्तियाज, अच्छेलाल, नंदकिशोर शर्मा, पप्पू अंसारी, चिथरू, सुंदर पटेल, घूरफेकन और इतियाक सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।



