Breaking Newsभारत

नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने ओबीसी वर्ग की लड़ाई लड़ने का किया ऐलान।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने ओबीसी वर्ग की लड़ाई लड़ने का किया ऐलान।

लखनऊ 21 अगस्त, 2026।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय लखनऊ पर आज ओबीसी विभाग की बैठक सम्पन्न हुई जिसमें उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी श्री राजेंद्र पाल गौतम जी पूर्व मंत्री एवं ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिन्द, पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेशीय चेयरमैन श्री मनोज यादव मुख्य रूप से मौजूद रहे।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी एवं पूर्व मंत्री श्री राजेंद्र पाल गौतम जी ने बैठक में बीजेपी सरकार द्वारा जातिगत जनगणना फॉर्म में ओबीसी वर्ग का कॉलम ना जोड़ने पर देश की आधी आबादी वाले ओबीसी वर्ग के भागीदारी के साथ बड़ा धोखा बताया।

इससे पहले ओबीसी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिन्द जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बीजेपी सरकार द्वारा जातिगत जनगणना के फॉर्म में ओबीसी कॉलम ना होने और केंद्र/राज्य की सूची के अनुसार जातियों की गिनती ना कराने की नीयत को ओबीसी वर्ग के हक अधिकारों पर सबसे बड़े हमला बताया।

जननायक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गाँधी जी के निर्देश पर ओबीसी विभाग पूरे देश में के डॉ.अनिल जयहिन्द के मार्गदर्शन में बीजेपी की केंद्र सरकार द्वारा जातिगत जनगणना में ओबीसी कॉलम जोड़ने की मांग और केंद्र-राज्य सूची में मौजूद ओबीसी जातियों के अनुसार जाति की गिनती कराने की मांग को लेकर देशव्यापी कार्यक्रम की तैयारी में है। जिसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश ओबीसी विभाग द्वारा पूरे उत्तर प्रदेश में ओबीसी वर्ग को इस मुद्दे पर ठोस रणनीति को लेकर 21 अगस्त, 2026 को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय लखनऊ पर कांग्रेस पार्टी के सभी ओबीसी नेताओं के साथ बैठक हुआ,जिसमें ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिन्द और उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम उपस्थित रहेंगे।

बीजेपी द्वारा ओबीसी वर्ग को आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी ना देने की साजिश के खिलाफ ओबीसी विभाग,उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रदेशव्यापी सम्मेलन,पदयात्रा,ज्ञापन,प्रदर्शन,गोष्ठी आयोजित किया जायेगा,जिसकी शुरुआत विभाग द्वारा 22 अगस्त को कानपुर, 23 अगस्त को जालौन में जातिगत जनगणना और भागीदारी न्याय विषय पर बड़ा सम्मेलन द्वारा होगा।

बैठक को सम्बोधित करते हुए डॉ. अनिल जयहिंद ने जातिगत जनगणना फॉर्म में ओबीसी का अलग कॉलम ना जोड़ने और केंद्र-राज्य सरकार में दर्ज ओबीसी जातियों की सूची के हिसाब से ओबीसी वर्ग को उतने ही जातियों में सूचीबद्ध ना करने के वादा खिलाफी को लेकर बीजेपी को ओबीसी दलित आदिवासी वर्गों का शोषण करने वाली पार्टी बताया। उन्होने कहा कि ओबीसी वर्ग के लोगों ने जातिगत जनगणना के लिए कई दशकों से संघर्ष किया और राहुल गाँधी जी ने जब इस मुद्दे को देशव्यापी तौर पर उठाया तो बीजेपी ने ओबीसी वर्ग की जातिगत जनगणना कराने पर सहमति दिया था। राहुल गाँधी जी ओबीसी वर्ग को आबादी के अनुपात में आरक्षण, संसाधन और सभी संस्थाओं में नौकरी देने का मुद्दा लगातार उठाते रहे हैं। आरएसएस, बीजेपी हमेशा से ओबीसी वर्ग की भागीदारी के खिलाफ रहा है। अब जब सरकार के पास ओबीसी वर्ग में शामिल जातियों की संख्या, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का सही आंकड़ा देने का मौका है तब वह ओबीसी वर्ग के हर जाति को अनेकों जातियों में बाँटकर उनकी आबादी को कमतर दिखाने की साजिश में लग गई है। बड़ा दुर्भाग्य है कि देश के प्रधानमंत्री मोदी लगातार खुद को ओबीसी वर्ग का बताते थकते नहीं लेकिन इनकी नीतियां आरएसएस के प्रभाव में मनुवादी हैं। आरएसएस बीजेपी की सभी नीतियों से ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्गों की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति में लगातार गिरावट आई है। कांग्रेस पार्टी की तेलंगाना सरकार द्वारा देश को जातिगत जनगणना का सबसे अच्छा मॉडल दिया है,जिसमें ओबीसी वर्ग के लिए अच्छी नीतियां बनाने के आंकड़े मिलते हैं।

बैठक को सम्बोधित करते हुए राजेंद्र गौतम ने बताया कि कांग्रेस पार्टी सामाजिक न्याय के मुद्दे को केंद्र में रखकर ही संगठन निर्माण से लेकर चुनावी रणनीति तय कर रही है। सभी वर्गों को संख्या के अनुपात में भागीदारी की लड़ाई नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी जी वर्षों से उठा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के संगठन सृजन अभियान जारी है। उत्तर प्रदेश का पूरा संगठन सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने की गवाह बनेगी। कांग्रेस पार्टी ने जातिगत जनगणना का मुद्दा पूरे देश में उठाया था किन्तु आरएसएस बीजेपी ने हमेशा पिछड़े दलितों के साथ छलावा किया है।

ओबीसी विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने जातिगत जनगणना में ओबीसी कॉलम जोड़ने और केंद्रध्राज्य की सूची के अनुसार जातियों की गिनती करने को लेकर प्रदेशव्यापी कार्यक्रम जारी किया जिसमें,
1). जनपद मुख्यालय पर धरना और ज्ञापन कार्यक्रम
2). प्रत्येक जनपद में जातिगत जनगणना और भागीदारी न्याय आधारित सम्मेलन
3). जनपद मुख्यालय पर पदयात्रा
4).ब्लॉक स्तरीय गोष्ठी एवं संवाद कार्यक्रम
5). जनपद मुख्यालय पर हस्ताक्षर अभियान

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button