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जखनिया (गाजीपुर) : महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष पर हमलावर हुए प्रमोद वर्मा

महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष पर हमलावर हुए प्रमोद वर्मा

कहा—सीटों का बढ़ना विकास के लिए जरूरी, परिसीमन प्रक्रिया कानून आयोग के तहत होती है

जखनिया (गाजीपुर): महिला आरक्षण बिल को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष प्रमोद वर्मा ने विपक्षी दलों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कांग्रेस, सपा और तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों के प्रति नकारात्मक रुख बताया।प्रमोद वर्मा ने कहा कि महिला आरक्षण बिल देश की महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और इसे सभी दलों को समर्थन देना चाहिए। उनका आरोप है कि विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए सवालों और आपत्तियों से बिल के पारित होने में बाधा उत्पन्न हुई है।उन्होंने परिसीमन के मुद्दे पर कहा कि यह प्रक्रिया स्वतंत्र आयोग के माध्यम से कानूनन तय होती है, न कि किसी राजनीतिक दल के आधार पर। वर्मा के अनुसार, आजादी के बाद गठित व्यवस्था के तहत ही परिसीमन किया जाता है।लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि एक समय 5 से 7 लाख आबादी पर एक सांसद निर्धारित था, जबकि वर्तमान में औसतन 25 लाख की आबादी पर एक सांसद है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों के लिए हर व्यक्ति तक पहुंचना और क्षेत्र का समुचित विकास करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।उन्होंने यह भी कहा कि सीटों में वृद्धि देश के सभी क्षेत्रों—उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम—में समान रूप से होगी। साथ ही अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए आरक्षण व्यवस्था पहले की तरह लागू रहेगी।वर्मा ने विपक्ष पर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2008 में परिसीमन कांग्रेस सरकार के दौरान ही हुआ था और उसी आधार पर 2014 का चुनाव संपन्न हुआ।

उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत-हार का फैसला जनता करती है, न कि परिसीमन।अंत में उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक और सशक्त हैं तथा अपने अधिकारों को लेकर सजग हैं। आने वाले समय में वे अपने हितों के खिलाफ खड़े होने वालों को जवाब देंगी।

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