जखनियां : नखडू यादव मेमोरियल ट्रस्ट चलाएगा वृहद वृक्षारोपण अभियान

नखडू यादव मेमोरियल ट्रस्ट चलाएगा वृहद वृक्षारोपण अभियान
“वृक्ष हैं तो कल है” संदेश के साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

जखनियां। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से नखडू यादव मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वावधान में क्षेत्र में वृहद स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
ट्रस्ट के संरक्षक कमलेश यादव ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे केवल पर्यावरण की सुंदरता ही नहीं बढ़ाते, बल्कि मानव जीवन के लिए आवश्यक शुद्ध वायु, छाया तथा प्राकृतिक संतुलन भी प्रदान करते हैं। वर्तमान समय में जिस तेजी से जंगलों और हरित क्षेत्रों का क्षरण हो रहा है, उसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से ट्रस्ट द्वारा बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा, जिसमें आमजन, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं तथा विभिन्न संगठनों के लोग भाग लेंगे।
कमलेश यादव ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि “एक पौधा लगाएं, एक जीवन बचाएं” केवल नारा नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।
ट्रस्ट की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि “पेड़ लगाएं, धरती को हराभरा बनाएं” तथा “शुद्ध वायु, स्वस्थ जीवन” का लक्ष्य तभी साकार होगा जब समाज का प्रत्येक वर्ग इस अभियान से जुड़े। वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण को स्वच्छ बनाता है, बल्कि भूजल संरक्षण, तापमान नियंत्रण और जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
नखडू यादव मेमोरियल ट्रस्ट ने क्षेत्रवासियों से इस जनहितकारी अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है। ट्रस्ट का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। अभियान के माध्यम से लोगों को वृक्षों के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण का संदेश दिया जाएगा।
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने कहा कि सामूहिक सहभागिता से ही पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है और एक बेहतर, सुरक्षित तथा हराभरा कल आने वाली पीढ़ियों को सौंपा जा सकता है।



