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गोरखपुर : हरियाली तीज मेले में दिखा उत्साह व उमंग

हरियाली तीज मेले में दिखा उत्साह व उमंग

– अग्रवाल महिला मंडल की ओर से आयोजित हुआ मेला,स्टालों पर उमड़े लोग, खूब हुई खरीदारी

– सेवा के क्षेत्र में 85!वर्षीय सुलोचना दारुका जी को दिया गया लाइफ टाइम अचीवमेंट

– मंच पर दिखी भारतीय परंपरा, नृत्य, गीत से सराबोर हुआ सभागार

गोरखपुर :आज सावन की फुहारों और हरियाली तीज की पारंपरिक छटा शनिवार को एडी माल स्थित होटल सरोवर पोर्टिको के सभागार में सजीव हो उठी। अग्रवाल महिला मंडल की ओर से आयोजित हरियाली तीज मेले में संस्कृति, सामाजिक सरोकार और महिला शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। सुबह से शाम तक चले इस आयोजन में शहरवासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सभागार में गूंजते तीज के गीत, रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाओं की खिलखिलाहट, मेहंदी की महक, चूड़ियों की खनक और पारंपरिक नृत्यों ने ऐसा माहौल बनाया कि हर कोई भारतीय संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया।

मेले का शुभारंभ मुख्य अतिथि महापौर डा. मंगलेश श्रीवास्तव, संस्थापिका अध्यक्ष सुधा मोदी, अध्यक्ष शोभा अग्रवाल, सचिव मिताली जालान ने दीप प्रज्जवलित कर किया। महापौर ने सभी स्टालों को अवलोकन किया। इसके बाद उन्हें मंचासीन कराया।

संस्था की पदाधिकारियों ने महापौर को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर स्वागत किया। शोभा अग्रवाल ने सभी आंगतुकों का स्वागत किया। अपने संबोधन में महापौर डा. मंगलेश ने कहा कि हरियाली तीज जैसे पारंपरिक पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक एकता के जीवंत प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, भारतीय संस्कारों और समृद्ध परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं।

सुधा मोदी ने कहा कि हरियाली तीज केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक समरसता का जीवंत उत्सव है। यह त्योहार हमें प्रकृति के प्रति प्रेम, परिवार के प्रति समर्पण और रिश्तों में आत्मीयता का संदेश देता है। ऐसे आयोजन महिलाओं की प्रतिभा को मंच देने, उन्हें एक-दूसरे से जोड़ने तथा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। हमारा प्रयास है कि सेवा, संस्कृति और सामाजिक दायित्व के इन मूल्यों को समाज में निरंतर आगे बढ़ाया जाए।

शाम को मेले का समापन दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने किया। उन्होंने कहा कि भारतीय पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं और ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के अंत में संस्था की सचिव मिताली जालान ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगियों एवं शहरवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। मेला संयोजक प्राची जैन, दीपाली अग्रवाल एवं रीता अग्रवाल ने कहा कि गोरखपुरवासियों के स्नेह, सहयोग और उत्साहपूर्ण सहभागिता ने इस आयोजन को ऐतिहासिक सफलता दिलाई। कार्यक्रम में मीडिया प्रभारी साधना अग्रवाल, समता अग्रवाल, मंजू अग्रवाल, शालिनी अनुराग, रश्मि बंका, समीक्षक रमानी, श्याम मोहन, अशोक मोदी, बालकृष्ण अग्रवाल, संजय अग्रवाल, विजय प्रकाश एवं अनुराग अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

लोक संस्कृति के रंग में रंगा पूरा सभागार

कार्यक्रम शुरू होते ही तीज और सावन के पारंपरिक लोकगीतों ने पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया। मंच पर हरे, पीले और लहरिया परिधानों में सजी महिलाओं ने जब पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए तो दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच हर प्रस्तुति ने भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को सजीव कर दिया। सभागार के एक ओर महिलाओं के हाथों में रची मेहंदी, रंग-बिरंगी चूड़ियां और पारंपरिक आभूषण आकर्षण का केंद्र बने रहे, तो दूसरी ओर सेल्फी प्वाइंट और तीज की सजीव सजावट के बीच परिवार यादगार पल कैमरे में कैद करते नजर आए। बच्चों की चहक, महिलाओं की खिलखिलाहट और लोकधुनों की गूंज ने पूरे आयोजन को उत्सवधर्मी बना दिया।

खरीदारी और व्यंजनों का भी खूब रहा आकर्षण

मुंबई, आगरा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, कोलकाता और गोरखपुर के आकर्षक स्टालों पर दिनभर भीड़ उमड़ती रही। पारंपरिक परिधान, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, हस्तशिल्प, गृह सज्जा सामग्री और आधुनिक उत्पादों की खरीदारी के लिए लोगों में खासा उत्साह रहा। वहीं चाट, मिठाइयों और विभिन्न प्रदेशों के पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू लोगों को लगातार अपनी ओर खींचती रही। लगभग हर स्टाल पर देर शाम तक रौनक बनी रही।
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सेवा और सम्मान से बढ़ी आयोजन की गरिमा

सेवा क्षेत्र में 85 वर्षीय सुलोचना दारुका को लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान प्रदान किया गया। प्रो. अनुभूति दूबे, मधु कमानी, खुशबू मोदी, रोली नारायण, ब्लॉक प्रमुख सुनीता सिंह और रूपम श्रीवास्तव को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए आगंतुकों को पौधे वितरित किए गए। स्वास्थ्य शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने 20 से अधिक लोगों की आंखों की जांच कर आवश्यक परामर्श दिया तथा मोतियाबिंद के मरीजों के आपरेशन के लिए सहमति दी। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.ए. अग्रवाल ने सेवा भावना का परिचय देते हुए एक दिव्यांग बच्ची के ऑपरेशन का पूरा खर्च स्वयं वहन करने की घोषणा की। साथ ही सिलाई केंद्र की स्थापना के लिए दो सिलाई मशीन भी संस्था की ओर से प्रदान किया गया।

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