गोरखपुर में सपा नेता डक्कू और महानगर अध्यक्ष पर केस दर्ज, जमीन कब्जा और मारपीट का आरोप

गोरखपुर में सपा नेता डक्कू और महानगर अध्यक्ष पर केस दर्ज, जमीन कब्जा और मारपीट का आरोप
गोरखपुर। गोरखपुर ग्रामीण से विधानसभा चुनाव लड़ चुके सपा नेता जफर अमीन डक्कू और सपा के महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी समेत अन्य लोगों के खिलाफ राजघाट थाने में गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है। उन पर जमीन पर अवैध कब्जा, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।
मंगलवार देर रात खोखर टोला निवासी शहाना खातून की तहरीर पर पुलिस ने FIR दर्ज की है। इससे पहले मंगलवार को खोखर टोला में जमीन से मलबा हटाने को लेकर डक्कू और कुछ महिलाओं के बीच विवाद हो गया था। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। करीब 15 मिनट तक मौके पर हंगामा चला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया।
महिला का दावा – 70 साल से मकान पर कब्जा
शहाना खातून ने पुलिस को बताया कि वह खोखर टोला में एक मकान में करीब 70 साल से रह रही हैं। उनका दावा है कि यह मकान डीह की आराजी संख्या 91 पर बना है। यह जमीन पूर्व जमींदार वल्लभदास की थी, जिन्होंने उनके पूर्वजों को मकान बनाकर रहने के लिए दी थी।
शहाना का आरोप है कि 2023 में जफर अमीन डक्कू ने मकान के आधे हिस्से पर कब्जा कर लिया था। मंगलवार को डक्कू, शब्बीर कुरैशी और उनके समर्थक दोबारा मौके पर पहुंचे और बचे हुए हिस्से पर भी कब्जा करने की कोशिश की। विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। आसपास के लोगों के हस्तक्षेप से उन्हें बचाया गया। महिला ने कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।
डक्कू बोले – जमीन 2017 में खरीदी, मलबा हटाने गए थे
वहीं जफर अमीन डक्कू ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने यह जमीन 2017 में खरीदी थी। जमीन के आधे हिस्से पर उनका कब्जा है, जबकि दूसरे हिस्से में किराएदार रहते हैं।
डक्कू के मुताबिक, उनके हिस्से में करीब 35 साल से कोई नहीं रह रहा था। मोहल्ले के लोगों ने नगर निगम में शिकायत की थी कि मकान जर्जर है। इसके बाद नगर निगम ने 2020 में मकान गिराने का नोटिस दिया, फिर 2023 में भी नोटिस देकर चेतावनी दी कि मकान नहीं गिराने पर निगम खुद गिराएगा और खर्च उनसे वसूलेगा।
नगर निगम की कार्रवाई के बाद मकान का वह हिस्सा गिरा दिया गया था। तभी से वहां मलबा पड़ा था। मंगलवार को वह समर्थकों के साथ मलबा हटाकर निर्माण कराने के लिए पहुंचे थे, तभी किराएदार महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया।
बोले- कोर्ट से स्टे नहीं मिला, पुलिस के सामने हुई थी बात
डक्कू का कहना है कि किराएदार पक्ष कोर्ट गया था, लेकिन उन्हें स्टे नहीं मिला। उनसे जमीन से जुड़े कागज मांगे गए, लेकिन वे नहीं दिखा सके। तीन दिन पहले इंस्पेक्टर भी मौके पर पहुंचे थे। उनके सामने किराएदारों ने जमीन की रजिस्ट्री कराने की बात कही थी और कहा था कि उन्हें परेशान किए बिना निर्माण कराया जा सकता है। यह बातचीत पुलिस के सामने ही हुई थी।
तीन दिन बाद जब वह निर्माण कराने पहुंचे तो महिलाओं ने विरोध किया और अभद्र व्यवहार किया। उनका कहना है कि सीओ ने उन्हें बुलाया है और वह अपने जमीन के सभी दस्तावेज पेश करेंगे।
विवादित जमीन पर पुलिस ने लगाए 2 CCTV
विवाद के बाद पुलिस ने मौके पर निगरानी बढ़ा दी है। राजघाट पुलिस ने विवादित स्थल पर दो सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं, ताकि गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। राजस्व विभाग को जमीन के अभिलेख और दोनों पक्षों के दावों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि महिला की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है। जमीन के वास्तविक स्वामित्व का पता राजस्व अभिलेखों और दस्तावेजों की जांच के बाद ही चलेगा। मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।


