गोरखपुर : पूर्वोत्तर रेलवे का ‘शुद्धता अभियान’: अनाधिकृत वेंडिंग पर बड़ी स्ट्राइक, हज़ारों पानी की बोतलें जब्त

पूर्वोत्तर रेलवे का ‘शुद्धता अभियान’: अनाधिकृत वेंडिंग पर बड़ी स्ट्राइक, हज़ारों पानी की बोतलें जब्त
गोरखपुर | 14 अप्रैल, 2026

पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन यात्रियों की सेहत और सुरक्षा को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। महाप्रबंधक श्री उदय बोरवणकर के कुशल निर्देशन में, ग्रीष्मकाल के दौरान यात्रियों को स्वच्छ खाद्य सामग्री और शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने के लिए तीनों मंडलों में एक व्यापक विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
प्रमुख कार्रवाई: आंकड़ों की नज़र से
पिछले एक सप्ताह के भीतर रेल प्रशासन ने अनाधिकृत खान-पान सामग्री और अवैध वेंडरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है:
गोरखपुर जं. स्टेशन: 07 से 14 अप्रैल के बीच विभिन्न ट्रेनों (विशेषकर ट्रेन संख्या 15077 और 14673) से 4877 अनाधिकृत पानी की बोतलें और कोल्ड ड्रिंक्स जब्त की गईं।
गोंडा जं. स्टेशन: 01 से 13 अप्रैल तक चले अभियान में 942 अवैध बोतलें बरामद हुईं और 05 अवैध वेंडरों को दबोचा गया।
देवरिया सदर: ट्रेन संख्या 19091 की पेंट्रीकार की जांच में 203 अनाधिकृत बोतलें जब्त।
सीवान: लिच्छवी एक्सप्रेस (14006) से 144 बोतलें जब्त की गईं।
अवैध यात्रा और वेंडिंग पर प्रहार
रेलवे सुरक्षा बल और वाणिज्य विभाग की संयुक्त टीमों ने स्टेशनों और चलती ट्रेनों में सघन तलाशी ली:
पेंट्रीकार में अवैध घुसपैठ: स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस (12562) के पेंट्रीकार में बलिया-छपरा के बीच 06 व्यक्ति अवैध रूप से यात्रा करते पाए गए। उनसे जुर्माने के तौर पर ₹4910 का रेल राजस्व वसूला गया।
वेंडरों की धर-पकड़: वाराणसी सिटी और गाजीपुर सिटी स्टेशनों पर चलाए गए अभियान में 06 अनाधिकृत वेंडर पकड़े गए, जिन्हें अग्रिम कार्रवाई हेतु रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को सौंप दिया गया है।
मौर्य एक्सप्रेस: गोरखपुर-सम्बलपुर मौर्य एक्सप्रेस में मुख्य चल टिकट निरीक्षक द्वारा एक अवैध वेंडर को रंगे हाथों पकड़ा गया।
नोट: जब्त की गई समस्त सामग्री को नियमानुसार कार्रवाई हेतु लास्ट प्रॉपर्टी ऑफिस (LPO) भेज दिया गया है।
प्रशासन का संकल्प
रेलवे प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा ताकि ट्रेनों और स्टेशनों पर केवल मानक और प्रमाणित खाद्य एवं पेय पदार्थ ही उपलब्ध हों।



