गाजीपुर : सैदपुर में भव्य रूप से मनाया गया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ का दिया गया संदेश

सैदपुर में भव्य रूप से मनाया गया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ का दिया गया संदेश
योग भारत की वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक विरासत, इसे जन-जन तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी : मण्डलायुक्त एस. राजलिंगम

गाजीपुर, 21 जून। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ के अंतर्गत तहसील सैदपुर में टाउन नेशनल इंटर कॉलेज परिसर में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्साह, उल्लास एवं उमंग के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों ने सहभागिता करते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया। इसके साथ ही तहसील, विकास खंड, समस्त ग्राम पंचायतों तथा विभिन्न सरकारी एवं निजी संस्थानों में भी योग दिवस का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ मण्डलायुक्त वाराणसी मंडल एस. राजलिंगम एवं मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य विकास अधिकारी ने मण्डलायुक्त का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सैदपुर, तहसील एवं विकास खंड स्तरीय अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।अपने संबोधन में मण्डलायुक्त एस. राजलिंगम ने गाजीपुर में योग की अलख जगाने के लिए बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को बधाई देते हुए कहा कि योग विश्व को स्वास्थ्य और वेलनेस का संदेश देता है तथा यह भारत के अमूल्य योगदान को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत वह भूमि है जहां योग का उद्भव हुआ और ऋषि-मुनियों ने योग जैसी वैज्ञानिक विधा के माध्यम से शरीर को स्वस्थ रखने का मार्ग खोजा। इसी भारतीय ज्ञान परंपरा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व पटल पर स्थापित करते हुए अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि अब हमारी जिम्मेदारी है कि योग की इस परंपरा को और अधिक जन-जन तक पहुंचाया जाए।मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाकर न केवल हम अपने शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि मानसिक विकास एवं सकारात्मक जीवन दृष्टि भी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से स्वयं योग अपनाने तथा समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सदैव सर्वोपरि है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी योग के प्रति प्रेरित करना चाहिए।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य एवं निरोगी जीवन का संकल्प लिया। जनपद के कुशल योग प्रशिक्षकों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत ग्रीवा शक्ति, स्कंध शक्ति एवं घुटना शक्ति विकासक क्रियाओं के साथ ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन, भद्रासन, वज्रासन, उष्ट्रासन, उत्तान मंडूकासन, मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन, उत्तानपादासन, अर्ध हलासन, पवनमुक्तासन और शवासन का अभ्यास कराया।इसके अलावा कपालभाति, नाड़ी शोधन, शीतली एवं भ्रामरी प्राणायाम तथा ध्यान का अभ्यास कराते हुए प्रतिदिन योग करने का संकल्प दिलाया गया। प्रशिक्षकों ने इन योगासनों एवं प्राणायामों के शरीर और मन पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों तथा निरोगी जीवन में उनकी उपयोगिता की भी विस्तार से जानकारी दी।योग, स्वास्थ्य और भारतीय संस्कृति के प्रति जनजागरण का संदेश देते हुए सैदपुर का यह आयोजन सामूहिक सहभागिता और जनचेतना का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर संपन्न हुआ।



