गाजीपुर : गाजीपुर में बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को मिलेगी नई उड़ान

गाजीपुर में बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को मिलेगी नई उड़ान
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने अंकुशपुर कृषि विज्ञान केंद्र में प्रस्तावित परियोजना की भूमि का किया निरीक्षण, किसानों को वितरित किए निःशुल्क बीज

गाजीपुर, 17 जून, 2026। जनपद में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों एवं नवाचारों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बुधवार को कृषि विज्ञान केंद्र, अंकुशपुर में अविष्कार फाउंडेशन द्वारा प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना हेतु चिन्हित भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं जिला उद्यान अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रस्तावित परियोजना की रूपरेखा, उपलब्ध भूमि तथा भविष्य की आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा की।जिलाधिकारी ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से गाजीपुर कृषि एवं तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा। इस केंद्र के माध्यम से स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित डीप-टेक कृषि अनुसंधान एवं विकास, लाइव डेमो यूनिट तथा किसानों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों की जानकारी मिलेगी और कृषि उत्पादन एवं आय में वृद्धि के नए अवसर उपलब्ध होंगे।उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक आधारित नवाचारों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। यह केंद्र किसानों, कृषि उद्यमियों एवं युवाओं को आधुनिक कृषि प्रणाली से जोड़ने के साथ-साथ कृषि अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं व्यवहारिक प्रदर्शन का प्रमुख केंद्र बनेगा।इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने कृषि विज्ञान केंद्र में संचालित कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग कर किसानों को निःशुल्क बीज वितरित किए। उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी ने कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसानों के लिए जलपान के अतिरिक्त भोजन की समुचित व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए, जिससे प्रतिभागी किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।कृषि विज्ञान केंद्र अंकुशपुर द्वारा अतिरिक्त पांच हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता व्यक्त किए जाने पर जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे 10 दिनों के भीतर उपयुक्त भूमि का चिन्हांकन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि किसानों के प्रशिक्षण, बीज उत्पादन एवं अन्य कृषक हितैषी कार्यक्रमों के सुचारु संचालन हेतु आवश्यक भूमि उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होगी।



