गाजीपुर : अधूरे निर्माण कार्य समय से पूरे करें, लापरवाही बर्दाश्त नहीं: जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला

अधूरे निर्माण कार्य समय से पूरे करें, लापरवाही बर्दाश्त नहीं: जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला

गाजीपुर 11 मई, 2026। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की उपस्थिति में 50 लाख से अधिक लागत की परियोजनाओं, सांसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, पूर्वांचल विकास निधि, त्वरित आर्थिक विकास योजना, क्रिटिकल गैप्स तथा विभिन्न विभागों द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।बैठक में आवास विकास परिषद निर्माण खण्ड वाराणसी प्रथम, सीएनडीएस जल निगम जौनपुर, उत्तर प्रदेश जल निगम नगरी गाजीपुर, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, सिंचाई निर्माण खण्ड वाराणसी, यूपी सिडको, उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लिमिटेड, राजकीय निर्माण निगम एवं अन्य कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में जितने भी अधूरे निर्माण कार्य हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरा कराया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन अधिकारियों की ड्यूटी निरीक्षण हेतु लगाई गई है, वे प्रत्येक 15 दिन पर स्थलीय निरीक्षण कर अपनी आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।जनपद में लगातार आ रही विद्युत समस्याओं पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सख्त निर्देश दिए कि बिल अथवा विद्युत आपूर्ति से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत का तत्काल निस्तारण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।बैठक में अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल निगम नगरी से स्पष्टीकरण तलब करते हुए उनका वेतन रोकने का निर्देश भी दिया।समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों को गुणवत्ता एवं मानकों के अनुरूप पूरा कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं का कार्य धनाभाव के कारण रुका हुआ है, उसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। धन आवंटन के बावजूद धीमी प्रगति वाले कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही गंभीरता से ली जाएगी तथा संबंधित अधिकारी इसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे। जो निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें संबंधित विभागों को शीघ्र हैंडओवर कराने के भी निर्देश दिए गए।बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, परियोजना निदेशक दीनदयाल वर्मा, अर्थ एवं संख्याधिकारी सहित जनपदस्तरीय अधिकारी एवं विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।



