अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में बड़े फैसले; SBI से नाराजगी, धार्मिक समिति का पुनर्गठन और प्रवक्ता की होगी नियुक्ति

अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में बड़े फैसले; SBI से नाराजगी, धार्मिक समिति का पुनर्गठन और प्रवक्ता की होगी नियुक्ति

अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार, 22 जुलाई 2026 को अयोध्या में सम्पन्न हुई। आषाढ़ शुक्ल नवमी के अवसर पर आयोजित इस बैठक में आगामी श्रावण मास में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ की व्यवस्थाओं, बैंक से जुड़े वित्तीय विषयों, सुरक्षा इंतजामों और प्रशासनिक नियुक्तियों समेत कई प्रमुख बिंदुओं पर निर्णय लिए गए।
1. स्टेट बैंक की कार्यप्रणाली पर ट्रस्ट ने जताई नाराजगी
बैठक के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ हुए समझौते (MOU) के तहत बैंक के उत्तरदायित्वों और उनमें पाई गई त्रुटियों पर विस्तृत चर्चा की गई। न्यास मंडल ने अनियमितताओं के उजागर होने के बाद बैंक की सुस्त प्रतिक्रिया और गंभीरता की कमी पर गहरी निराशा व्यक्त की। इसके मद्देनजर ट्रस्ट की वित्त समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वे बैंक के साथ अपने संबंधों और मानक प्रक्रियाओं (SOP) पर पुनर्विचार कर आवश्यक निर्णय लें।
2. सोने-चांदी के चढ़ावे की जांच और CCTV सुरक्षा
चढ़ावे की शुद्धता: न्यासी मंडल ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अधीन भारत सरकार की टकसाल (Mint) के माध्यम से सोने-चांदी के दान/चढ़ावे की मात्रा और शुद्धता जांचने की व्यवस्था को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया है।
CCTV एक्सेस: मंदिर परिसर में लगे सभी सुरक्षा सीसीटीवी कैमरों की पहुँच सुरक्षा अधिकारियों तक पहले से उपलब्ध करा दी गई है, जिसमें चढ़ावा राशि के गणना कक्ष का लाइव एक्सेस भी शामिल है।
SIT व कोर्ट अपडेट: चढ़ावे की गणना में अनियमितता की जांच कर रही एसआईटी (SIT) की अंतिम रिपोर्ट अभी प्राप्त न होने के कारण उस पर चर्चा स्थगित रखी गई, हालांकि सर्वोच्च न्यायालय में चल रही याचिकाओं की प्रगति पर संज्ञान लिया गया।
3. प्रशासनिक नियुक्तियों में बदलाव
CEO चयन के लिए अतिरिक्त समय: नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। चयन समिति द्वारा एक महीने का अतिरिक्त समय मांगे जाने पर ट्रस्ट ने इसे स्वीकार कर लिया है।
सचिव पद को स्वीकृति: श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और CEO के चयन में हो रहे विलंब को देखते हुए ट्रस्ट ने अस्थाई रूप से एक सचिव (Secretary) की नियुक्ति को मंजूरी दी है।
ट्रस्ट में रिक्त पद: न्यासी मंडल में रिक्त पड़े पदों की पूर्ति का काम अंतिम चरण में है, जिसे पूरा होने में कुछ और हफ्तों का समय लगेगा।
4. मीडिया के लिए नियुक्त होगा आधिकारिक प्रवक्ता
ट्रस्ट और समाज के बीच नियमित और पारदर्शी संवाद बनाए रखने के लिए जल्द ही एक आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है।
5. धार्मिक समिति का पुनर्गठन
मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की पारंपरिक प्रामाणिकता और शुद्धता बनाए रखने के लिए धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया गया है:
अध्यक्ष: स्वामी श्री गोविंद देव गिरि जी
सदस्य: * पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर श्री वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज
मध्वपीठाधीश्वर स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ जी महाराज
पूज्य स्वामी श्री परमानंद जी
पूज्य स्वामी श्री दिनेंद्रदास जी (निर्मोही अखाड़ा)
पूज्य स्वामी कमलनयनदास जी (मणिराम छावनी)
पूज्य महंत श्री राजकुमार दास जी (रमावल्लभ कुंज)
स्वामी रामानंद दास जी (राम कथा कुंज)
स्वामी मिथिलेश नंदिनी शरण जी
दुष्प्रचार को नकारा, जताया आभार
बैठक के अंत में ट्रस्ट ने हालिया भ्रामक एवं आधारहीन आरोपों के बावजूद करोड़ों रामभक्तों की अटूट आस्था और श्रद्धालुओं की निरंतर बढ़ती संख्या पर संतोष व्यक्त किया। न्यासी मंडल ने संपूर्ण संत समुदाय, देश-विदेश के भक्तों और अवध समाज के प्रति आभार जताया।



