बस्ती में थानेदार की मौत का राज खुला: हनीट्रैप में फंसा कर महिला मांग रही थी 1 करोड़, हाथ की नस काटने का करती थी नाटक; पिता और वकील समेत 3 गिरफ्तार

बस्ती में थानेदार की मौत का राज खुला: हनीट्रैप में फंसा कर महिला मांग रही थी 1 करोड़, हाथ की नस काटने का करती थी नाटक; पिता और वकील समेत 3 गिरफ्तार
*बस्ती।* वाल्टरगंज थाने के थानाध्यक्ष रहे 56 साल के सूर्य प्रकाश सिंह के सुसाइड मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक थानेदार हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर यह कदम उठाने को मजबूर हुए थे। मामले में रविवार को आरोपी महिला प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
*पहले एक नजर पूरे मामले पर —*
मूल रूप से आजमगढ़ के भीलमपुर छपरा गांव के रहने वाले सूर्य प्रकाश सिंह परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और दो बेटियां छोड़ गए हैं। बड़ा बेटा संदीप सिंह (30) है। वे सिद्धार्थनगर से ट्रांसफर होकर बस्ती आए थे। 18 अप्रैल 2026 को उन्हें वाल्टरगंज थाने का प्रभारी बनाया गया था।
29 अगस्त को वे कलेक्ट्रेट के पास स्थित अपने सरकारी आवास में मृत मिले थे। सुसाइड से पहले उन्होंने व्हाट्सएप पर एक स्टेटस लगाया था – “धन-संपदा भी आवश्यक है, परंतु शांति और प्रेम से बढ़कर कुछ भी नहीं है।”
*कैसे फंसे थानेदार हनीट्रैप में?*
थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की तैनाती वाल्टरगंज में थी। इसी थाना क्षेत्र के गांधार गांव में 32 साल की प्रियंका चौधरी रहती है। प्रियंका का 10 साल पहले पति से अलगाव हो गया था। वह मुंबई में ब्यूटी पार्लर और स्पा सेंटर में काम करती थी।
पुलिस के मुताबिक प्रियंका ने अपने पति के खिलाफ वाल्टरगंज थाने में ही मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मुकदमे के सिलसिले में वह थाने पर सूर्य प्रकाश सिंह के संपर्क में आई। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती और फिर नजदीकी बढ़ गई।
आरोप है कि इसके बाद प्रियंका ने थानेदार को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
*1 करोड़ की मांग और नस काटने की धमकी*
डीआईजी संजीव त्यागी ने बताया कि आरोपी महिला प्रियंका लोगों को प्रेम जाल में फंसाती थी। वीडियो कॉल, चैटिंग में अश्लील बातें कर वीडियो और ऑडियो बना लेती थी। फिर उसी के जरिए ब्लैकमेल कर पैसे वसूलती थी।
थानाध्यक्ष के साथ भी उसने शारीरिक संबंध बनाए और फिर 1 करोड़ रुपये की मांग करने लगी। पैसे न देने पर हाथ की नस काटने की धमकी देती थी। घटना वाले दिन 29 अगस्त को दोपहर 1:41 बजे प्रियंका के वकील विजय प्रकाश ने फोन पर थानेदार से 1 करोड़ की डिमांड की थी।
*पुलिस का खुलासा —*
जांच में पता चला कि आरोपी प्रियंका जाल में फंसाए गए लोगों को वीडियो कॉल पर हाथ की नस काट कर खून निकलने का सीन दिखाती थी। इस तरह डराकर मोटी रकम वसूलती थी। इस काम में उसके पिता रामनयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश यादव उसका साथ देते थे और वसूली का पैसा आपस में बांट लेते थे।
पुलिस के मुताबिक इस गैंग ने इससे पहले तीन अन्य लोगों से भी करीब 24 लाख रुपये वसूले हैं, जिसमें एक डॉक्टर भी शामिल है। थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह इस गैंग के चौथे शिकार थे।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को रविवार सुबह सदर अस्पताल के सामने से गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक बोलेरो गाड़ी और 3 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस अब गैंग के संपर्क में आए अन्य लोगों की जानकारी भी जुटा रही है।


