
पद से हटाए जाने और सार्वजनिक उपेक्षा से आहत सपा नेता राजाराम यादव ने प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा
जखनियां, गाजीपुर। समाजवादी पार्टी के जखनियां क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर एक बार फिर असंतोष सामने आया है। जोन प्रभारी राजाराम यादव ने प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल को पत्र भेजकर समाजवादी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने पद से हटाए जाने की जानकारी सार्वजनिक रूप से नहीं दिए जाने और एक माल्यार्पण कार्यक्रम में अपने स्थान पर दूसरे व्यक्ति का नाम पुकारे जाने पर नाराजगी जताई है।
प्रदेश अध्यक्ष को भेजे पत्र में राजाराम यादव ने कहा कि वह समाजवादी पार्टी में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने वर्ष 1984 से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और पार्टी की स्थापना के समय भी मौजूद रहे। उन्होंने पत्र में अपने राजनीतिक संघर्षों और पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी का उल्लेख किया है।
राजाराम यादव के अनुसार, उन्हें जोन प्रभारी के पद से कब हटाया गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। एक माल्यार्पण कार्यक्रम में उनके स्थान पर दूसरे व्यक्ति का नाम पुकारे जाने से उन्हें काफी पीड़ा हुई। उन्होंने कहा कि यदि उनसे कोई गलती या अपराध हुआ था तो कम से कम इसकी जानकारी उन्हें दी जानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ इस तरह की स्थिति दूसरी बार उत्पन्न हुई है।
उन्होंने पत्र में बताया कि पार्टी के लिए काम करते हुए वह तीन बार जेल भी जा चुके हैं। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, आगरा सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित सम्मेलनों में भाग लेने और साइकिल यात्रा में लगातार 14 दिन तक शामिल रहने का उल्लेख किया है। उन्होंने जिले में पीडीए कार्यक्रमों में भी सक्रिय भागीदारी का दावा किया।
राजाराम यादव ने अपने पत्र में जिला कार्यकारिणी सदस्य, जखनियां के पूर्व प्रभारी, पूर्व चुनाव प्रभारी, पूर्व युवजन सभा के महामंत्री और विधायक प्रतिनिधि समेत विभिन्न जिम्मेदारियों का भी उल्लेख किया है।
उन्होंने कहा कि लंबे राजनीतिक सफर और पार्टी के प्रति समर्पण के बावजूद जिस तरह उन्हें उपेक्षित महसूस कराया गया, उससे वह मानसिक रूप से व्यथित हैं। इसी कारण उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के समक्ष समाजवादी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देने की घोषणा की है। उनके इस्तीफे के बाद जखनियां क्षेत्र में सपा के संगठनात्मक स्तर पर इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है।



