लखनऊ चारबाग स्टेशन पर 5 जेबकतरे गिरफ्तार: प्लेटफॉर्म टिकट लेकर देते थे वारदात, मुंबई-नासिक-दिल्ली तक फैला नेटवर्क; 1.24 लाख कैश और स्कूटी बरामद

लखनऊ चारबाग स्टेशन पर 5 जेबकतरे गिरफ्तार: प्लेटफॉर्म टिकट लेकर देते थे वारदात, मुंबई-नासिक-दिल्ली तक फैला नेटवर्क; 1.24 लाख कैश और स्कूटी बरामद
*लखनऊ।* लखनऊ क्राइम ब्रांच ने चारबाग रेलवे स्टेशन और आसपास यात्रियों को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय चोर और जेबकतरा गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन चोरी की घटनाओं से जुड़े 1.24 लाख रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल होने वाली एक स्कूटी बरामद की है।
*मुखबिर की सूचना पर SOG ने पकड़ा*
ADCP क्राइम किरण यादव ने बताया कि 8 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चारबाग रेलवे स्टेशन और आसपास एक अंतरराज्यीय गैंग सक्रिय है, जो यात्रियों की जेब काटने और चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा है। सूचना पर क्राइम ब्रांच की SOG टीम ने गिरोह के सदस्यों की गतिविधियों पर नजर रखी और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
*ये हुए गिरफ्तार*
गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का मुख्य सरगना महाराष्ट्र के अहमदनगर निवासी संदीप सुधाकर तिजोरे (35) शामिल है। उसके साथ सोनभद्र निवासी अरविंद गुप्ता, महाराष्ट्र के नासिक निवासी कुनाल विलास सिरसाठ, मुंबई निवासी जावेद अख्तर और गोंडा निवासी सोनू जायसवाल को गिरफ्तार किया गया है।
*कैसे करते थे वारदात?*
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी प्लेटफॉर्म टिकट खरीदकर रेलवे स्टेशन में वैध तरीके से प्रवेश करते थे, जिससे किसी को उन पर संदेह न हो। इसके बाद वे स्टेशन और ट्रेनों के जनरल कोच में यात्रियों के बीच बैठ जाते थे। भीड़ और यात्रियों का ध्यान भटकने का फायदा उठाकर उनकी जेब से नकदी और कीमती सामान पार कर देते थे।
गिरोह के सदस्य ऑटो और ई-रिक्शा में भी आम यात्रियों की तरह सफर करते थे। यात्रा के दौरान मौका मिलते ही सहयात्रियों की जेब से रुपए और अन्य सामान चोरी कर लेते थे।
*एक महीने में 20 लाख तक कमाते थे, हवाई यात्रा भी करते थे*
पुलिस के मुताबिक, गिरोह अलग-अलग शहरों में घूमकर चोरी और जेबकटी की वारदातों को अंजाम देता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी चोरी की वारदातों से कभी-कभी एक महीने में करीब 20 लाख रुपए तक कमा लेते थे।
आरोपी चोरी के पैसों से महंगे किराए के मकानों में रहते थे और एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए हवाई यात्रा तक करते थे। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए वे लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहते थे।
*गिरोह के सदस्यों के काम बंटे हुए थे*
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह UP के अलावा मुंबई, नासिक और दिल्ली तक सक्रिय है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा महाराष्ट्र के मुंबई, नासिक और अहमदनगर और दिल्ली में भी इसकी गतिविधियों की पुष्टि हुई है। गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों और जिलों के रहने वाले हैं और संगठित होकर वारदातों को अंजाम देते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद 1.24 लाख रुपए का संबंध लखनऊ के सैरपुर, दुबग्गा और जानकीपुरम थानों में दर्ज चोरी के तीन मुकदमों से पाया है।
पुलिस के मुताबिक, जावेद गिरोह में नए लोगों को जोड़ने का काम करता था। अन्य आरोपी रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में पानी व गुटखा बेचने या फेरी लगाने जैसे कामों की आड़ में भी अपनी गतिविधियां चलाते थे।
*2009 से मुंबई में दर्ज हैं चोरी के मामले*
मुख्य आरोपी संदीप सुधाकर तिजोरे का महाराष्ट्र में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसके संबंध में महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी साझा की गई है। पुलिस के अनुसार, संदीप के खिलाफ मुंबई के विभिन्न रेलवे थाना क्षेत्रों में साल 2009 से चोरी के कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
लखनऊ पुलिस ने महाराष्ट्र, दिल्ली और अन्य राज्यों में रेल यात्रा के दौरान चोरी या जेबकटी का शिकार हुए लोगों से संबंधित थानों से संपर्क करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि जांच में यदि चोरी की गई रकम या संपत्ति का संबंध इस गिरोह से पाया जाता है तो नियमानुसार उसे वापस कराने की कार्रवाई की जाएगी।



