गोरखपुर: प्रधान पर नाली मोड़ने का आरोप, महिला ने DM से लेकर CM तक लगाई गुहार; RTI में भी सूचना न मिलने की शिकायत

गोरखपुर: प्रधान पर नाली मोड़ने का आरोप, महिला ने DM से लेकर CM तक लगाई गुहार; RTI में भी सूचना न मिलने की शिकायत

गोरखपुर। खजनी तहसील के बांसगांव थाना क्षेत्र के गोपालपुर (बढ़नी) की एक महिला ने ग्राम प्रधान पर नाली और नाबदान का पानी दूसरी दिशा में मोड़कर उसके घर के सामने छोड़ने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की है, लेकिन समाधान नहीं होने पर अब उसने सूचना न देने और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए फिर शिकायत की है।
क्या है मामला?
प्रार्थिनी किरण देवी पत्नी चंद्रवीर सिंह, निवासी ग्राम-गोपालपुर (बढ़नी), तप्पा-महसीन, परगना-उनवल, तहसील-खजनी, जिला-गोरखपुर ने बताया कि उनके और आसपास के लोगों के घरों के नाबदान का पानी डीही भूमि में स्थित रास्ते पर बनी अंडरग्राउंड पुरानी नाली में जाता था।
आरोप है कि ग्राम प्रधान ने नाबदान की नाली को दूसरी दिशा में मोड़कर उनके घर के सामने तक लाकर छोड़ दिया, जिससे उनके दरवाजे पर लगातार पानी भरा रहता है और उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
5 साल से दे रही हैं प्रार्थना पत्र
किरण देवी का कहना है कि इस समस्या के निवारण के लिए वह पिछले कई सालों से प्रार्थना पत्र दे रही हैं-
– 19.11.2020 को तहसील समाधान दिवस में शिकायत की, जिस पर BDO खजनी की ओर से धन प्राप्त होने पर नाली निर्माण कराने की रिपोर्ट दी गई।
– 18.08.2025 और 08.09.2025 को फिर तहसील समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर BDO खजनी द्वारा मौके पर भूमि विवादित होने की रिपोर्ट दी गई।
– 14.09.2025 को जन सुनवाई में लेखपाल ने स्थल दिखाकर इसे विकास विभाग का अधिकार क्षेत्र बता दिया।
– 17.09.2025 को मुख्यमंत्री, आयुक्त और जिलाधिकारी को ऑनलाइन प्रार्थना पत्र दिया, जिसका टोकन नंबर 235 है।
– इसके बाद SO बांसगांव और लेखपाल ने इसे विकास विभाग से संबंधित बताया, जबकि विकास विभाग ने भूमि को विवादित बता दिया। इस संबंध में 19.09.2025 और 20.09.2025 (टोकन 797) को जिलाधिकारी को भी प्रार्थना पत्र दिया गया।
महिला का आरोप है कि एक ही मामले में राजस्व और विकास विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।
RTI में सूचना न देने का आरोप
दूसरी शिकायत जन सूचना अधिकार (RTI) से जुड़ी है। किरण देवी ने बताया कि उन्होंने 2005 के जनसूचना अधिकार के तहत जन सूचना अधिकारी, विकासखंड खजनी से 04/11/2025 को प्रार्थना पत्र भेजा था, जो पोस्टल आर्डर संख्या 71F427010 के साथ रजिस्ट्री दिनांक 06/11/2025 को भेजा गया।
आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी ने सूचना न देकर उनका मानसिक उत्पीड़न किया और नियमों की अनदेखी कर पद का दुरुपयोग किया। पीड़िता ने मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में कहा है कि यदि एक हफ्ते के अंदर सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई तो वह राज्य सूचना आयोग में अपील करने के लिए बाध्य होंगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।



