लखनऊ में लाइब्रेरियन अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा – तेज बारिश में डिप्टी CM बृजेश पाठक के आवास का घेराव, हाथ जोड़-पैर छूकर बोले “सर, नौकरी दे दीजिए”

लखनऊ में लाइब्रेरियन अभ्यर्थियों का फूटा गुस्सा – तेज बारिश में डिप्टी CM बृजेश पाठक के आवास का घेराव, हाथ जोड़-पैर छूकर बोले “सर, नौकरी दे दीजिए”

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह तेज बारिश के बीच लाइब्रेरियन भर्ती के 50 से ज्यादा अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के आवास का घेराव कर दिया। अलग-अलग जिलों से आए अभ्यर्थी सुबह करीब 7 बजे ही आवास के बाहर पहुंच गए और बारिश में भीगते हुए डिप्टी सीएम से मिलने की मांग पर डटे रहे।
डिप्टी सीएम जैसे ही बाहर आए, अभ्यर्थी हाथ जोड़कर खड़े हो गए, कुछ युवाओं ने तो पैर तक छू लिए और एक ही गुहार लगाई – “सर, नौकरी चाहिए।”
10 साल से एक भी भर्ती नहीं, डिग्री लेकर भटक रहे युवा
अभ्यर्थियों का आरोप है कि *2016 के बाद से लाइब्रेरियन के पदों पर एक भी भर्ती नहीं निकली है।* बैनर पर भी लिखा था – _”10 साल से लाइब्रेरियन की एक भी भर्ती नहीं, यह हमारा हक की लड़ाई है!”_
भर्ती की मांग को लेकर वे पहले भी UPSSSC मुख्यालय पर कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि कई जगहों पर बिना लाइब्रेरी साइंस की डिग्री वाले लोगों से काम कराया जा रहा है, जबकि डिग्रीधारी युवा 10 साल से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं।
डिप्टी CM ने पहले भी UPSSSC अध्यक्ष से कराई थी बात
अभ्यर्थियों ने बताया कि वे 25 अगस्त को भी डिप्टी सीएम से मिलने आए थे। तब बृजेश पाठक ने फोन पर UPSSSC अध्यक्ष से उनकी बात कराई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब अभ्यर्थी *PET-2025 के आधार पर लाइब्रेरियन भर्ती निकालने* की मांग कर रहे हैं।
‘हर बार सिर्फ आश्वासन मिलता है’
प्रयागराज से आए अभ्यर्थी शुभम ने बताया कि 14 मई, 2 जून और 19 जून 2026 को भी पिकप भवन का घेराव किया गया था। वहां अधिकारियों से मिलने नहीं दिया जाता, सिर्फ कर्मचारी बात करके टाल देते हैं।
अधिकारियों ने बताया था कि लाइब्रेरियन के 362 पदों की अधियाचना मिल चुकी है,इसके बावजूद हर बार अगले महीने भर्ती निकालने का आश्वासन देकर मामला टाल दिया जाता है।
पिछली भर्ती 2016 में हुई थी, तब से हजारों युवा लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई पूरी करके खाली हाथ बैठे हैं।



