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गोरखपुर में ₹28 करोड़ का ‘सुंदरीकरण’ 4 साल में भरभरा कर गिरा, दो वकीलों की ले ली जान – “जो मरेगा वो स्वर्ग जाएगा” का दावा, हकीकत में भ्रष्टाचार ने भेजा स्वर्ग!

गोरखपुर में ₹28 करोड़ का ‘सुंदरीकरण’ 4 साल में भरभरा कर गिरा, दो वकीलों की ले ली जान – “जो मरेगा वो स्वर्ग जाएगा” का दावा, हकीकत में भ्रष्टाचार ने भेजा स्वर्ग!

“गोरखपुर में जो मरेगा वो सीधा स्वर्ग जाएगा…” ये बयान आपको याद होगा। लेकिन गोरखपुर के राजघाट स्थित गुरु गोरक्षनाथ घाट पर जो हुआ, उसने इस दावे की पोल खोल दी। यहाँ स्वर्ग का रास्ता नहीं, बल्कि घटिया निर्माण और बदहाल सिस्टम लोगों को असमय मौत के मुंह में धकेल रहा है।

रविवार सुबह करीब 11:30 बजे अंतिम संस्कार में शामिल होने गए दो वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक अस्थाना और संजय सिंह चबूतरे पर बैठे थे, तभी ऊपर बना गुंबदनुमा छज्जा भरभराकर उन पर गिर गया।

सबसे शर्मनाक बात – हादसे के बाद आधे घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। मजबूरन दोनों घायलों को ई-रिक्शा से जिला अस्पताल ले जाना पड़ा। इलाज में देरी और लापरवाही के कारण दोनों वकीलों ने दम तोड़ दिया।

₹27.85 करोड़ का सुंदरीकरण, 4 साल में जमींदोज – भ्रष्टाचार का स्मारक:

जिस घाट को चमकाने का बड़ा दावा किया गया था, वही आज मौत का फंदा बन गया है –

– ₹27.85 करोड़ की भारी-भरकम लागत से इस घाट का सुंदरीकरण किया गया था।
– साल 2021 में खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने इसका लोकार्पण किया था।
– भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा देखिए – घटिया गुणवत्ता के चलते गोरखपुर नगर निगम ने आज तक इस घाट को हैंडओवर ही नहीं लिया था!

“रोज 10 लोग मरते हैं, एक और मर जाएगा तो क्या होगा?” – CMO का कथित बयान

हद तो तब हो गई जब मृतक वकील आलोक अस्थाना की पत्नी शालिनी अस्थाना ने आरोप लगाया कि अस्पताल में इलाज तक नहीं मिला। परिजनों का आरोप है कि जब CMO डॉ. राजेश झा से मदद मांगी गई तो जवाब मिला – “रोज यहां 10 लोग मरते हैं, एक और मर जाएगा तो क्या हो जाएगा?”

इसी बयान के बाद वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। कचहरी के सैकड़ों वकीलों ने जिला अस्पताल में 4 घंटे तक हंगामा किया, एंबुलेंस में तोड़फोड़ की। भारी बवाल के बाद आखिरकार CMO राजेश झा और अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज* की गई है।

यह हादसा नहीं, भ्रष्टाचार और संवेदनहीनता से की गई हत्या है।सवाल सीधा है –

1. ₹28 करोड़ का घाट 4 साल में कैसे गिर गया? ठेकेदार और भ्रष्ट अफसरों पर बुलडोजर कब चलेगा?
2. जिम्मेदारों पर सिर्फ जांच कमेटी या सीधी कार्रवाई होगी?

DM ने 3 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है, लेकिन बांसगांव से गोरखपुर तक वकीलों और जनता का एक ही सवाल है – इस दोहरी मौत का जिम्मेदार कौन?

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