गोरखपुर: मकान खाली कराने के दबाव का आरोप, पीड़ित महिला ने प्रेस क्लब में लगाई न्याय की गुहार

गोरखपुर: मकान खाली कराने के दबाव का आरोप, पीड़ित महिला ने प्रेस क्लब में लगाई न्याय की गुहार

*गोरखपुर।* बेलीपार थाना क्षेत्र के ग्राम बेतउंवा उर्फ चनऊ निवासी फूला देवी पत्नी प्रहलाद ने रविवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता कर अपने देवर समेत कुछ लोगों पर जबरन मकान खाली कराने, धमकी देने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पीड़ित महिला ने पुलिस-प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
फूला देवी ने बताया कि उनके पति प्रहलाद और देवर गुलाब दोनों स्व. घूरे के पुत्र हैं। करीब 17 डिसमिल जमीन को लेकर दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। उनके पति प्रहलाद ने इस मामले को हाईकोर्ट तक लड़ा और अपने पक्ष में डिक्री भी हासिल की। बाद में दोनों भाइयों के बीच आपसी सहमति से यह तय हुआ कि प्रहलाद खेत वाली जमीन पर रहेंगे और गुलाब पुश्तैनी मकान में रहेंगे।
महिला के मुताबिक, करीब 30 साल पहले उनके पति प्रहलाद ने खेत की जमीन पर छह कमरों की दुकान और तीन कमरों का मकान बनवाया था, जबकि गुलाब ने पुश्तैनी जमीन पर अपना अलग मकान बनाकर रहना शुरू कर दिया।
फूला देवी का आरोप है कि इसी मकान को लेकर साल 2013 से प्रहलाद और गुलाब के बीच दीवानी न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। इस बीच वर्ष 2025 में उक्त मकान का बैनामा/मुआवजा वीरेंद्र निषाद के पक्ष में कर दिया गया। इसके बाद 3 अगस्त 2026 को गुलाब ने उसी मकान का दान विलेख आदिल, जिशान कुरैशी, शिव कुमार और रामेश्वर साहनी के नाम कर दिया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि दान विलेख के बाद से उक्त लोग लगातार मकान खाली करने का दबाव बना रहे हैं। 5 सितंबर को करीब दस लोग, जिनमें दो महिला अधिवक्ता भी शामिल थीं, उनके घर पहुंचे और जबरन मकान खाली कराने का प्रयास किया।
प्रेसवार्ता के दौरान फूला देवी ने आशंका जताई कि उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है। उन्होंने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से पूरे प्रकरण की जांच कर न्याय दिलाने और सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई है।



