गुरुग्राम : आरक्षण व्यवस्था में व्यापक सुधार जरूरी, आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति बने आधार : सोनू गौड़

रिपोर्टर इंडिया नाउ 24 सुरेंद्र गुरुग्राम
आरक्षण व्यवस्था में व्यापक सुधार जरूरी, आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति बने आधार : सोनू गौड़

गुरुग्राम। अखिल भारतीय सवर्ण महासंघ की राष्ट्रीय संघर्ष समिति, गुरुग्राम-हरियाणा द्वारा आरक्षण व्यवस्था एवं उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर परशुराम वाटिका, पटौदी रोड, गुरुग्राम में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारी एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय सवर्ण महासभा के पदाधिकारी सर्वण दुबे ने कहा कि देश में सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को मजबूत करने के लिए आरक्षण व्यवस्था की समयानुकूल समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आरक्षण का लाभ वास्तविक जरूरतमंद और वंचित व्यक्ति तक पहुंचे तथा व्यवस्था में पारदर्शिता, योग्यता और सामाजिक न्याय के बीच संतुलन बनाया जाए।
चेतन शर्मा ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही आरक्षण व्यवस्था के उद्देश्यों और उसके वास्तविक परिणामों का निष्पक्ष मूल्यांकन होना चाहिए। जाति के स्थान पर आर्थिक एवं सामाजिक पिछड़ेपन को भी आरक्षण की नीतियों में महत्वपूर्ण आधार बनाया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ मिल सके।
सोनू गौड़ ने UGC के 2026 के नए प्रावधानों को वापस लेकर पूर्व में लागू जाति-निरपेक्ष दिशा-निर्देशों को पुनः लागू करने की मांग का भी समर्थन किया।
चैतन्य शर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में नियुक्ति और पदोन्नति की प्रक्रिया में योग्यता, पारदर्शिता और समान अवसर सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
शर्मा ने कार्यक्रम में रखी गई 12 प्रमुख मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि EWS अभ्यर्थियों को समान अवसर, एक परिवार-एक आरक्षण-एक बार की नीति, आरक्षण की समयबद्ध समीक्षा, प्रत्येक आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम योग्यता के स्पष्ट मानदंड तथा आरक्षण व्यवस्था में क्रीमी लेयर और उप-वर्गीकरण जैसे विषयों पर भी गंभीरता से विचार होना चाहिए।
कार्यक्रम संयोजक श्रवण दुबे,सोनू गौड़,चेतन शर्मा,संदीप त्यागी व कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि UGC के नए प्रावधानों को लेकर समाज में व्यापक चिंता है। उन्होंने कहा कि UGC के विवादित प्रावधानों को तत्काल रोल बैक किया जाना चाहिए और ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिसमें किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो तथा शिक्षा एवं रोजगार में समान अवसर सुनिश्चित हों। उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर संघर्ष समिति आगे भी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
कार्यक्रम में श्री श्रवण दुबे, चेतन शर्मा, सोनू गौड़,जिले राम पिचौलिया,सतीश गौतम पानीपत,पूर्व विधायक पृथला विधानसभा नैन पाल रावत,दिनेश वशिष्ठ, पंडित शशिकांत शर्मा, राजपूत सभा के अध्यक्ष अरूण चौहान, दीपक जांघू, सतीश गुप्ता, राजीव मित्तल, सतपाल राघव,ओम नारायण, सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि आरक्षण और UGC से जुड़े विषयों पर सभी पक्षों को साथ लेकर व्यापक चर्चा की जाए तथा न्याय, समानता, योग्यता और सामाजिक सद्भाव पर आधारित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।



