TGT अधियाचन में विज्ञान-जीव विज्ञान पदों की असमानता का मुद्दा, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह को सौंपा ज्ञापन

TGT अधियाचन में विज्ञान-जीव विज्ञान पदों की असमानता का मुद्दा, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह को सौंपा ज्ञापन

गोरखपुर प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) 2026 के नवीन अधियाचन में विज्ञान एवं जीव विज्ञान विषय के पदों में अत्यधिक असमानता को लेकर जीव विज्ञान विषय के अभ्यर्थियों ने न्यायोचित कार्रवाई की मांग उठाई है। इस संबंध में अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने गोरखपुर-अयोध्या स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।
प्रार्थना पत्र में बताया गया कि शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज द्वारा उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजे गए TGT 2026 के नवीन अधियाचन में विज्ञान विषय के 2278 पद, जबकि जीव विज्ञान विषय के मात्र 632 पद प्रस्तावित किए गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे दोनों विषयों के बीच पदों में अत्यधिक असमानता उत्पन्न हो रही है। यही स्थिति TGT-2022 के विज्ञापन में भी देखने को मिली थी, जिसमें विज्ञान के 504 तथा जीव विज्ञान के केवल 50 पद थे।
अभ्यर्थियों ने कहा कि जीव विज्ञान मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण, जैव विविधता, कृषि, जैव प्रौद्योगिकी और चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ा विषय है। ऐसे में माध्यमिक विद्यालयों में जीव विज्ञान शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता आवश्यक है।
प्रार्थना पत्र में शासनादेश दिनांक 9 सितंबर 2025 तथा माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के संबंधित आदेश का हवाला देते हुए TGT 2026 के नवीन अधियाचन की पुनः समीक्षा कराने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने विज्ञान एवं जीव विज्ञान के पदों का संतुलित एवं न्यायसंगत निर्धारण करने तथा जीव विज्ञान अभ्यर्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने की मांग रखी।
इस अवसर पर डॉ. दिवाकर शुक्ल, अरविंद कुमार मौर्य, अरविंद यादव, अभिनव पाठक, मुकेश कुमार यादव, नीरज पटेल, डॉ. नीरज सहनी, आनंद प्रताप सिंह, विकास जसवाल आदि उपस्थित रहे।



