लखनऊ: जमीन कब्जे से परेशान चाचा-भतीजे ने लोकभवन के सामने किया आत्मदाह का प्रयास

लखनऊ: जमीन कब्जे से परेशान चाचा-भतीजे ने लोकभवन के सामने किया आत्मदाह का प्रयास
”6 साल तक नहीं हुई सुनवाई”: हारकर दो युवकों ने डीजल छिड़ककर दी जान देने की कोशिश
लखनऊ (उत्तर प्रदेश):
लखनऊ के लोकभवन के बाहर शुक्रवार सुबह हड़कंप मच गया जब दो युवकों ने आत्मदाह करने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत तत्परता दिखाई और दोनों युवकों को ऐसा करने से रोक लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
कौन हैं ये युवक और क्या है मामला?
आत्मदाह का प्रयास करने वाले युवकों की पहचान मलिहाबाद तहसील के लीलाखेड़ा कटौली के रहने वाले राम गणेश और उनके भतीजे सतीश कुमार गौतम के रूप में हुई है।
पीड़ितों के अनुसार, उनकी एक पुश्तैनी जमीन पर उनके ही परिवार के एक व्यक्ति (सुनील) ने अपने साथियों के साथ मिलकर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। वे इस मामले को लेकर पिछले 6 साल से परेशान हैं।
क्या है उनकी मांग?
राम गणेश ने बताया कि वे अपनी जमीन को कब्जामुक्त कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए साल 2020 से लगातार डीएम और एसडीएम कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन, उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
आखिरकार, हारकर और न्याय न मिलने से परेशान होकर उन्होंने आत्मदाह करने का कठोर फैसला लिया और
लोकभवन के गेट नंबर-9 के सामने पहुंचकर अपने ऊपर डीजल डालने लगे।
पुलिस की कार्रवाई:
इस घटना के बाद, हजरतगंज पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि वे इस मामले की जांच कर रहे हैं और युवकों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी। साथ ही, इस घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी दे दी गई है।
निष्कर्ष:
यह घटना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है। आखिर 6 साल तक एक गरीब किसान की फरियाद क्यों नहीं सुनी गई? यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि जमीन कब्जे से जुड़े मामले में लोगों को न्याय मिलने में कितना समय और परेशानी झेलनी पड़ती है। उम्मीद है कि इस घटना के बाद प्रशासन जागेगा और पीड़ितों को न्याय दिलाएगा।



