गोरखपुर में एक साथ जली दो वकीलों की चिता: कल इसी घाट पर साथी की मां के अंतिम संस्कार में आए थे, आज खुद की अर्थी पहुंची; अधिवक्ता समाज में शोक

गोरखपुर में एक साथ जली दो वकीलों की चिता: कल इसी घाट पर साथी की मां के अंतिम संस्कार में आए थे, आज खुद की अर्थी पहुंची; अधिवक्ता समाज में शोक
*गोरखपुर।* राप्ती नदी के किनारे राजघाट (गुरु गोरक्षनाथ घाट) पर सोमवार सुबह का माहौल बेहद गमगीन था। एक दिन पहले तक जहां अधिवक्ता *आलोक अस्थाना (45) और संजय सिंह (42)* अपने एक साथी की माता के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे, उसी जगह सोमवार को दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
छज्जा गिरने से हुई दोनों की आकस्मिक मौत से पूरे अधिवक्ता समाज में शोक की लहर है।
सोमवार सुबह राजघाट पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता, परिचित, रिश्तेदार और आसपास के लोग दोनों की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। घाट पर मौजूद हर चेहरा गम में डूबा था। परिवार के लोगों को लोग ढांढस बंधाते और संभालने की कोशिश करते नजर आए।
*बेटे और भाई ने दी मुखाग्नि*
आलोक अस्थाना की चिता को उनके बेटे *आदित्य ने मुखाग्नि* दी, वहीं संजय सिंह का अंतिम संस्कार उनके भाई और भतीजे ने किया। जैसे ही दोनों चिताओं को आग दी गई, घाट पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। साथी अधिवक्ताओं के लिए यह पल बेहद भावुक कर देने वाला था।


