यूपी में मानसून सत्र 3 अगस्त से: पटल पर रखी जाएगी संभल हिंसा की न्यायिक जांच रिपोर्ट; जनसांख्यिकी बदलाव और साजिशों का होगा खुलासा

यूपी में मानसून सत्र 3 अगस्त से: पटल पर रखी जाएगी संभल हिंसा की न्यायिक जांच रिपोर्ट; जनसांख्यिकी बदलाव और साजिशों का होगा खुलासा
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का इस साल का तीसरा (मानसून) सत्र 3 से 6 अगस्त तक चलेगा। योगी कैबिनेट ने सत्र के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट और नए विधेयक पेश करने के साथ ही 24 नवंबर 2024 को संभल में भड़की हिंसा की 450 पन्नों वाली न्यायिक जांच रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएगी।
खबर के प्रमुख बिंदु:
विधानमंडल सत्र का आयोजन: * संविधान के अनुच्छेद-174 के अनुसार दो सत्रों के बीच छह माह से अधिक का अंतर नहीं हो सकता। पिछला सत्र 30 अप्रैल को आयोजित कर स्थगित किया गया था और 7 मई 2026 को सत्रावसान हुआ था। उसी नियम के तहत 3 से 6 अगस्त तक नया सत्र बुलाया जा रहा है।
संभल हिंसा रिपोर्ट और जनसांख्यिकी बदलाव:
जांच आयोग द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी गई 450 पन्नों की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आजादी के समय संभल में हिंदू आबादी 45% थी, जो घटकर 15% रह गई है।
रिपोर्ट में इसका कारण दंगों, धर्मांतरण, और पलायन को बताया गया है।
साजिशों व इतिहास पर खुलासे:
रिपोर्ट में पिछले सात दशकों के दौरान हुए 15 दंगों का जिक्र है।
68 तीर्थस्थलों व 19 पवित्र कुओं पर कब्जों तथा हरिहर मंदिर के बाबर-कालीन साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है।
अमेरिका द्वारा आतंकवादी घोषित आसिम उर्फ सना-उल-हक जैसे आतंकी नेटवर्क और अवैध हथियारों व नशीले पदार्थों के कारोबार के विस्तार की बात भी उजागर की गई है।



