राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ट्रस्ट का सख्त फैसला, चपंत राय की हुई विदाई; कृष्ण मोहन देखेंगे मंदिर की व्यवस्था

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ट्रस्ट का सख्त फैसला, चपंत राय की हुई विदाई; कृष्ण मोहन देखेंगे मंदिर की व्यवस्था
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर ट्रस्ट की लंबी बैठक चली। इस मैराथन के बाद चंपत राय की ट्रस्ट से विदाई हो गई है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर ट्रस्ट की करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक खत्म हो गई है। इस बैठक में चपंत राय और अनिल मिश्रा पर फैसला हुआ। कमल नयन दास के अनुसार इस्तीफा स्वीकार्य कर लिया गया है। अब मंदिर का सारा काम कृष्ण मोहन देखेंगे। चंपत राय की ट्रस्ट में फिलहाल कोई भूमिका नहीं होगी। अनिल मिश्रा भी ट्रस्ट और मंदिर की व्यवस्था से दूर रखे जाएंगे।
बैठक से बाहर रहे चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक सोमवार को राम मंदिर परिसर में हुई। इस बैठक के सबसे बड़े घटनाक्रम में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा बैठक से बाहर रहे। वहीं, मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़े गोपाल राव को भी बैठक में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली।सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के कुछ सदस्यों ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि यदि चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा बैठक में मौजूद रहेंगे तो वे बैठक का हिस्सा नहीं बनेंगे। सदस्यों के इसी रुख के बाद दोनों बैठक में शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि यह फैसला बैठक की निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया था।
चंपत राय के बचाव में उतरी वीएचपी
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने सोमवार को कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अपने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर जो भी निर्णय लेगा, वह उसका सम्मान करेगी। वीएचपी ने जोर देकर कहा कि केवल आरोपों से किसी का दोष सिद्ध नहीं हो जाता।
संतों के विवेक पर पूरा भरोसाआरएसएस के इस सहयोगी संगठन ने यह भी कहा कि राम मंदिर में दान के कथित गबन (घोटाले) की चल रही जांच को अपने निष्कर्ष तक पहुंचने दिया जाना चाहिए। वीएचपी के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि संगठन इस बैठक के नतीजों पर कोई कयास नहीं लगाएगा और उन्हें ट्रस्ट के विवेक पर पूरा भरोसा है। ट्रस्ट खुद ही फैसला करेगा और इसकी घोषणा करेगा। वह जो भी फैसला लेगा, हम उसका सम्मान करेंगे। ट्रस्ट से जुड़े संतों के विवेक पर हमें पूरा भरोसा है।
जब तक दोष साबित न हो जाए, तब तक किसी को अपराधी न समझेंसुरेंद्र जैन ने चंपत राय और अनिल मिश्रा का बचाव करते हुए कहा कि केवल आरोप लगने से कोई व्यक्ति दोषी नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि जब तक दोष साबित न हो जाए, तब तक किसी को अपराधी न समझें। जांच एजेंसी को अपना काम करने दें और जांच के नतीजों का इंतजार करें। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने जांच पूरी होने से पहले ही चंपत राय को दोषी ठहराने की कोशिश की है।
कई आरोप जांच में टिक नहीं पाएजैन ने दावा किया कि चंपत राय के खिलाफ लगाए गए कई आरोप जांच में टिक नहीं पाए हैं। उन्होंने कहा कि वीएचपी नेता ने जांच से बचने की कोशिश नहीं की है, बल्कि उन्होंने एसआईटी के गठन का समर्थन किया है और जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती निष्कर्ष सामने आने के तुरंत बाद मंदिर ट्रस्ट ने तत्परता दिखाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई और किसी को भी बचाने का प्रयास नहीं किया।



