गाजीपुर : स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं बनें आत्मनिर्भर, गुणवत्ता और ब्रांडिंग पर दें विशेष ध्यान : डीएम

स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं बनें आत्मनिर्भर, गुणवत्ता और ब्रांडिंग पर दें विशेष ध्यान : डीएम
मरदह और बिरनो में आयोजित कार्यशाला में जिलाधिकारी ने महिलाओं से किया संवाद, लखपति दीदियों की समस्याएं भी सुनीं

गाजीपुर, 23 जून। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को विभिन्न लाभकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से विकास खंड मरदह एवं बिरनो सभागार में कार्यशाला एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद स्थापित कर उनके कार्यों की जानकारी ली। महिलाओं ने हैंडवॉश, फिनायल, हार्पिक, अगरबत्ती, रेडीमेड कपड़े, झाड़ू, मसाले, कॉस्मेटिक उत्पादों की बिक्री एवं कृषि कार्यों से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी। इस पर जिलाधिकारी ने महिलाओं को उत्पादों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की सलाह देते हुए बाजार की मांग के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करने पर जोर दिया।जिलाधिकारी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण एवं प्रमाणन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बीएमएम और डीएमएम को इस दिशा में सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं एवं जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना तथा उन्हें स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ना है।डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए। स्वयं सहायता समूहों को बैंक ऋण, प्रशिक्षण, स्वरोजगार गतिविधियों और विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने प्रत्येक पात्र परिवार का सर्वे कर उन्हें एनआरएलएम की योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग, विपणन और बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि जब ग्रामीण महिलाएं सशक्त होंगी तो पूरा परिवार और समाज सशक्त होगा। इस दौरान लखपति दीदियों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए।मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने कहा कि एनआरएलएम के माध्यम से संचालित योजनाएं ग्रामीण विकास और गरीबी उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को समूहों की नियमित समीक्षा कर उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए।कार्यक्रम से पूर्व जिलाधिकारी एवं ब्लॉक प्रमुखों ने परिसर में वृक्षारोपण कर लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। इस दौरान स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए उत्पाद स्टॉलों का अवलोकन कर जिलाधिकारी ने जानकारी प्राप्त की। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित अन्नप्राशन एवं गोद भराई कार्यक्रम में भी जिलाधिकारी ने सहभागिता की।इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख मरदह सीता सिंह, ब्लॉक प्रमुख बिरनो राजन सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, एलडीएम, उपायुक्त स्वरोजगार, खंड विकास अधिकारी मरदह एवं बिरनो सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।फोटो कैप्शन: मरदह एवं बिरनो में आयोजित संवाद कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से बातचीत करते जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला तथा उत्पाद स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए।



