सादात : भीमापार में संपत्ति विवाद को लेकर एक विधवा आंगनबाड़ी सहायिका पर जानलेवा हमला किया गया

सादात। भीमापार में संपत्ति विवाद को लेकर एक विधवा आंगनबाड़ी सहायिका पर जानलेवा हमला किया गया है।
इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

भीमापार निवासिनी 45 वर्षीय गीता देवी आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत हैं। उनके पति मनोज का निधन लगभग 20 साल पहले हो चुका है। गीता देवी ने आरोप लगाया है कि उनके भसुर श्री भगवान उर्फ भोभल पासी लंबे समय से उनकी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
गीता के अनुसार, भोभल उनके ससुर के सौतेले पुत्र हैं और पति की मृत्यु के बाद से ही वह अपने बेटे दीपक उर्फ दीपू और बहू कविता के साथ मिलकर संपत्ति हथियाने के लिए आए दिन झगड़ा करते रहते हैं। पीड़िता ने बताया कि शुक्रवार शाम को भी आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की थी।
जब वह देर शाम पुलिस चौकी जाने के लिए घर से अकेली निकलीं, तो रास्ते में उनके भसुर भोभल, भतीजे दीपक उर्फ दीपू और उसकी पत्नी कविता ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद तीनों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान भोभल ने पान काटने वाली कैंची और चाकू से गीता देवी पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में गीता देवी के हाथ पर गंभीर चोट आई, जिससे हाथ का काफी मांस कटकर अलग हो गया। वहीं, सिर के पिछले हिस्से पर कैंची लगने से उन्हें गहरी चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल होने के कारण गीता देवी लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़ीं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया।
सीएचसी में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। गंभीर हालत के बावजूद पीड़िता ने अस्पताल में अपना बयान दर्ज कराया है।
सैदपुर कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन तब तक घायल महिला को रेफर किया जा चुका था। उन्होंने कहा कि पीड़िता की तहरीर मिलने के बाद मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है।



