पीए हत्याकांड में ‘गलत राज’ समझकर हुई गिरफ्तारी, सीबीआई जांच में बेगुनाह साबित हुआ राज सिंह; कोर्ट ने किया बरी

पीए हत्याकांड में ‘गलत राज’ समझकर हुई गिरफ्तारी, सीबीआई जांच में बेगुनाह साबित हुआ राज सिंह; कोर्ट ने किया बरी
पश्चिम बंगाल में रथ हत्याकांड में गिरफ्तार राज सिंह को सीबीआई जांच के बाद अदालत ने बरी कर दिया। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि बंगाल पुलिस ने गलत पहचान के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया था। राज सिंह ने मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए सीबीआई और मीडिया को धन्यवाद दिया।
बलिया के रहने वाले राज सिंह को पश्चिम बंगाल के चर्चित रथ हत्याकांड मामले में बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के बाद अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि बंगाल पुलिस ने गलत पहचान और नाम के आधार पर एक निर्दोष व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया था। गुरुवार को राज सिंह के घर पहुंचते ही परिवार और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल देखने को मिला।
राज सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल
एसटीएफ की गलतफहमी के कारण उन्हें बिना किसी ठोस सबूत के गिरफ्तार कर लिया गया था। उनका कहना है कि असली आरोपी की तलाश में पुलिस ने उन्हें ही आरोपी मान लिया और पश्चिम बंगाल ले जाकर हत्याकांड में फंसाने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और धमकियां भी दी गईं।
सीबीआई का जताया आभार
राज सिंह ने कहा कि यदि सीबीआई निष्पक्ष जांच नहीं करती तो शायद उन्हें न्याय नहीं मिल पाता। उन्होंने दावा किया कि उनके घर और दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, कपड़े की खरीदारी से जुड़े बिल और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद सीबीआई ने उन्हें क्लीन चिट दी।उन्होंने सीबीआई का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एजेंसी की निष्पक्ष जांच की वजह से आज वह अपने परिवार के बीच लौट सके हैं। साथ ही उन्होंने मीडिया का भी धन्यवाद किया। राज सिंह के अनुसार, उनके परिजनों द्वारा उपलब्ध कराए गए सीसीटीवी फुटेज को मीडिया में प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद सीबीआई की टीम बलिया पहुंची और पूरे मामले की गहराई से जांच की।गुरुवार को घर लौटने पर परिजनों ने राज सिंह का स्वागत किया। परिवार के लोगों ने कहा कि लंबे समय बाद उन्हें न्याय मिला है। इलाके में भी इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।



