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गाजीपुर : गाजीपुर में आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती की प्रक्रिया प्रचलन में, आवेदन कर्ताओं के शैक्षिक प्रमाण पत्रों एवं अभिलेखों का सत्यापन ऑडिटोरियम हाल विकास भवन में शुरू

गाजीपुर

अरविंद तिवारी की विशेष एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

गाजीपुर में आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती की प्रक्रिया प्रचलन में, आवेदन कर्ताओं के शैक्षिक प्रमाण पत्रों एवं अभिलेखों का सत्यापन ऑडिटोरियम हाल विकास भवन में शुरू

जनपद गाजीपुर में आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती के संबंध में प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री संजय कुमार सोनी ने बताया कि 1352 पदों के सापेक्ष लगभग 20252 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था l जनपद स्तर पर जिलाधिकारी जनपद गाजीपुर के अनुमोदन के पश्चात चयन समिति के द्वारा अभ्यर्थियों के आवेदन पत्रों की गहन जांच के पश्चात लगभग 2900 अभ्यर्थियों को शॉर्ट लिस्ट किया गया उनके शैक्षिक प्रमाण पत्रों एवं अभिलेखो के सत्यापन के लिए 3-5-2026 से 10-5-2026 तक ऑडिटोरियम हॉल गाज़ीपुर में चयन समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों की उपस्थिति में समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं कुछ मुख्य सेविकाओं एवं विभागीय लिपिको के माध्यम से किया जा रहा है जनपद के 16 विकास खंडो एवं शहर परियोजना में रिक्त आंगनबाड़ी सहायिका के पदों पर आवेदन करने वाली आवेदकों द्वारा अपने मूल प्रमाण पत्रों एवं अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है अभ्यर्थियों ने बताया कि अभिलेख सत्यापन के समय मूल प्रमाण पत्रों एवं अभिलेख की स्वप्रमाणित छाया प्रति दो प्रति में ली जा रही है एक केंद्र पर दो अभ्यर्थियों को बुलाया गया है किसी-किसी केंद्र पर तीन अभ्यर्थियों को भी बुलाया गया है जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया की शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए जारी की गई लिस्ट चयनित अभ्यर्थियों की लिस्ट नहीं है अभिलेखों के सत्यापन के उपरांत चयन की कार्यवाही की जाएगी और चयनित अभ्यर्थियों की सूची NIC की वेबसाइट एवं कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय विकास भवन समस्त 17 बाल विकास परियोजना कार्यालय पर चस्पा की जाएगी और चयनित अभ्यर्थियों को दूरभाष से एवं व्यक्तिगत रूप से सूचना देकर नियुक्ति पत्र जारी किया जाएगा l

यहां बताते चलें की आंगनबाड़ी सहायिका की भर्ती प्रचलन में है और क्षेत्र में चयनित अभ्यार्थियों के पास अवांछनीय तत्वों द्वारा संपर्क कर नियुक्ति के लिए धनउगाही का प्रयास किया जा रहा है जिससे चयनित अभ्यर्थियों में संशय की स्थिति बनी हुई है और विभागीय छवि खराब हो रही है उच्च अधिकारियों को इस पर संज्ञान लेते हुए ऐसे क्रियाकलापों पर प्रभावी नियंत्रण करने की आवश्यकता महसूस हो रही है जिससे विभाग की छवि बरकरार रहे और भर्ती प्रक्रिया सुचिता के साथ पूर्ण हो सके शासन की मनसा के अनुसार ऑनलाइन आवेदन और निष्पक्षता पूर्वक चयन की कार्यवाही करने हेतु प्रशासनिक स्तर पर सार्थक प्रयास किए गए हैं जिसका परिणाम भी परिलक्षित हो रहा है लेकिन कतिपय लोगों द्वारा निष्पक्ष चयन प्रक्रिया को दागदार करने का प्रयास किया जा रहा है जो निंदनीय है l

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