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गाजीपुर : एडीएम ने जंगीपुर मंडी का किया औचक निरीक्षण

गाजीपुर

एडीएम ने जंगीपुर मंडी का किया औचक निरीक्षण

गाजीपुर। अपर जिलाधिकारी वि0रा0 दिनेश कुमार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अन्तर्गत विपणन शाखा गेंहूॅ क्रय केन्द्र जंगीपुर मण्डी एवं भारतीय खाद्य निगम, जंगीपुर मण्डी का औचक निरीक्षण किया । मौके पर रामगोपाल यादव, विपणन निरीक्षक, नेहा कुशवाहा, टी0ए0-2 भा0खा0नि0, ज्योति प्रकाश त्रिपाठी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, हनुमान यादव, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी एवं अनुराग पाण्डेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, गाजीपुर उपस्थित रहे ।

निरीक्षण के दौरान केन्द्र पर बैनर लगा हुआ पाया गया, जिसमें समर्थन मूल्य एवं टोल फ्री का अंकन प्रदर्शित है। केन्द्र पर किसानों के सुख-सुविधा हेतु उनके बैठने एवं पेय-जल की व्यवस्था उपलब्ध है। केन्द्र पर गेंहू की सफाई हेतु विनोईंग फैन, दो जाली छलना, नमी मापक यंत्र, पावर क्लीनर/पॉवर डस्टर उपलब्ध है। केन्द्र पर उपलब्ध इलेक्ट्रानिक कांटो का बाट-माप विभाग द्वारा सत्यापन हुआ पाया गया। केन्द्र पर गेंहू का मानक नमूना प्रदर्शित है। केन्द्र पर खरीद हेतु 05 गांठ पी0पी0 बोरे उपलब्ध है। वर्षा से गेंहूॅ की सुरक्षा हेतु क्रेट्स एवं त्रिपाल की व्यवस्था उपलब्ध है। गेंहूॅ से भरे बोरों पर निर्धारित कोड का अंकन पाया गया। केन्द्र पर खरीद से संबंधित समस्त अभिलेख उपलब्ध है। केन्द्र पर किसानों का वायोमैट्रिक प्रमाणीकरण द्वारा गेंहूॅ की खरीद किए जाने हेतु ई-पॉप मशीन उपलब्ध है। केन्द्र पर ई-उपार्जन के माध्यम से खरीद हेतु लैपटाप व इण्टरनेट कनेक्शन उपलब्ध है। केन्द्र पर गेंहू खरीद हेतु नियुक्त हैण्डलिंग ठेकेदार द्वारा पर्याप्त श्रमिक की उपलब्धता की गयी है। केन्द्र पर गेंहूॅ की आवक शून्य रहा है।

अपर जिलाधिकारी ने गेंहूॅ खरीद के संबंध में निर्देश दिया कि केन्द्र पर गेंहू की आवक होने पर नियमानुसार गेंहूॅ की खरीद सुनिश्चित किया जाए, ब्लॉक क्षेत्रान्तर्गत अवस्थित ग्रामों में जाकर, अधिकाधिक किसान भाईयों से सम्पर्क करते हुए गेंहूॅ खरीद में तेजी लाया जाए। गेंहूॅ विक्रय हेतु किसानों को प्रोत्साहित करते हुए सहयोगात्मक रूप से तेजी से गेंहूॅ क्रय किया जाए। किसी भी केन्द्र से किसानोें को अनावश्यक वापस नहीं किया जाएगा। सभी केन्द्र प्रभारियों द्वारा किसानों से शिष्टाचार पूर्वक व्यवहार किया जाएगा। अन्यथा की स्थिति में शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित के विरूद्व कठोर कार्यवाही की जाएगी।

उन्होन कहा कि किसान अपनी सुविधा के अनुसार अपने जनपद के किसी भी केन्द्र पर अपना गेंहूॅ बेच सकेगा। कृषक का गेंहूॅ निर्धारित मानक के अनुरूप न होने पर यदि गेंहूॅ की छनाई एवं सफाई की आवश्यकता समझी जाती है, तो गेंहूॅ की उतराई, छनाई एवं सफाई का कार्य कृषक स्वयं कर सकेंगे। यदि क्रय केन्द्रों पर गेेंहूॅ की उतराई, छनाई एवं सफाई का कार्य केन्द्र पर उपलब्ध श्रमिकों द्वारा किया जाता है, तो कृषक द्वारा श्रमिकों से कराने पर वास्तविक व्यय के आधार पर वार्ता कर समझौतों के अनुरूप अथवा अधिकतम रू0 20 प्रति कु0 की दर से भुगतान किया जाएगा। कहा कि इस निमित्त कृषक को रू0 20 प्रति कु0 की दर से पी0एफ0एम0एस0 के माध्यम से उसके बैंक एकाउन्ट में प्रतिपूर्ति क्रय एजेन्सी द्वारा किया जाएगा। यह भुगतान गेंहूॅ के समर्थन मूल्य के अतिरिक्त होगा। उन्होने कहा कि गेंहू के अवैध संचरण की कड़ी निगरानी किया जाए। सभी केन्द्र प्रभारी बैनर में अंकित अपना मो0नम्बर खरीद अवधि में ऑन रखेंगे। जनपद मुख्यालय/तहसील मुख्यालय से रैण्डम आधार पर इसका सत्यापन कराया जाएगा। यदि मो0नम्बर बन्द पाया गया, तो संबंधित के विरूद्व कार्यवाही की जाएगी। सभी क्रय केन्द्र निर्धारित अवधि पूर्वान्ह 09ः00 से सायं 06ः00 बजे तक खुले रहेंगे। निर्धारित अवधि में केन्द्र प्रभारी द्वारा अपना लाइव लोकेशन प्रेषित किया जाएगा। मण्डी समिति कांटो की रिपेयरिंग के लिए मैकेनिक नामित करेगी तथा उसका नम्बर सभी को उपलब्ध करायेगी। किसी भी यंत्र के खराब होने की स्थिति में केन्द्र प्रभारी इसकी सूचना मण्डी सचिव को देंगे। मण्डी सचिव वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करायेंगे। किसी भी दशा में ऑफलाइन कोई कार्य स्वीकार्य नहीं होगा। अन्यथा की स्थिति में संबंधित केन्द्र प्रभारी के विरूद्व कठोर कार्यवाही की जाएगी। केन्द्र पर क्रय होने वाले गेंहूॅ का त्वरित गति से भारतीय खाद्य निगम डिपो में प्रेषण करते हुए, डिपो द्वारा स्वीकृत गेंहू का लेखा कार्यालय को शतप्रतिशत बिलिंग किए जाने के निर्देश दिए गए।

उन्होन ने जनपद के किसान भाईयों से अपील किया कि गेहूँ क्रय 2026-27 में किसान पंजीकरण सत्यापन की व्यवस्था में परिवर्तन किया गया है। बताया कि पूर्व गेहूँ क्रय वर्ष के किसान जिन्होंने गेहूँ विक्रय किया था, वो सभी किसान इस वर्ष के लिए गेहूँ विक्रय किए जाने हेतु ।Auto सत्यापित हैं। क्रय नीति के प्रस्तर 8.6 के अनुसार एग्रीस्टैक एवं ई-पड़ताल डाटा के आधार पर Auto सत्यापन, क्रय नीति के प्रस्तर 8.7 के अनुसार केंद्र प्रभारी द्वारा कम्प्यूटराइज्ड सत्यापित खतौनी, खसरा, चकबंदी प्रपत्र, फोटोयुक्त आधार कार्ड, पहचान पत्र आदि के माध्यम से स्वंय सत्यापन करते हुए खरीद का कार्य किया जाएगा।

उन्होन किसान भाईयों से अनुरोध किया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अन्तर्गत खाद्य विभाग के पोर्टलwww.fcs.up.gov.in पर शीघ्र अपना पंजीकरण करा लें अथवा किसान पंजीकरण हेतु यू0पी0किसान मित्र ऐप डाउनलोड कर, उसके माध्यम से अपना पंजीयन करा लें, जिससे समय से उनका पंजीयन सत्यापित एवं केन्द्रों पर उनके उपज की खरीद सुगमतापूर्वक पूर्ण हो सके।

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