डिजिटल इंडिया के दौर में अगर आप पेट्रोल पंप पर UPI से पेमेंट करने जाएं… और जवाब मिले — कैश दो, नहीं तो पेट्रोल नहीं मिलेगा!

डिजिटल इंडिया के दौर में अगर आप पेट्रोल पंप पर UPI से पेमेंट करने जाएं… और जवाब मिले — कैश दो, नहीं तो पेट्रोल नहीं मिलेगा!
तो सवाल उठता है… आखिर नियम कौन चला रहा है? सरकार… या पेट्रोल पंप मालिक?
गोरखपुर के बड़हलगंज क्षेत्र स्थित नेवादा इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर ग्राहकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
लोगों का कहना है कि घंटों लाइन में लगने के बाद कर्मचारियों द्वारा साफ कह दिया जाता है कि ऑनलाइन पेमेंट नहीं चलेगा… केवल कैश में पेट्रोल मिलेगा।
ग्राहकों के मुताबिक आज के समय में ज्यादातर लोग UPI और मोबाइल पेमेंट पर निर्भर हैं, लेकिन पंप पर अचानक ऑनलाइन भुगतान से इनकार कर दिया जाता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर अगर ऑनलाइन पेमेंट बंद है… तो इसकी सूचना बोर्ड पर क्यों नहीं लगाई गई?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विरोध करने पर एक व्यक्ति, जिसने अपना नाम आदर्श यादव बताया, कथित तौर पर कहता है —
“जो करना हो कर लो… हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता।”
बताया जा रहा है कि इस कथित बयान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ग्रामीणों में नाराजगी इतनी है कि कई लोग कैमरे पर बोलने से भी डर रहे हैं… क्योंकि उन्हें आशंका है कि विरोध करने पर भविष्य में पेट्रोल देने से मना किया जा सकता है।
अब बड़ा सवाल…
क्या किसी पेट्रोल पंप को बिना सूचना ऑनलाइन पेमेंट बंद करने का अधिकार है?
क्या ग्राहकों के साथ इस तरह का व्यवहार सही है?
और आखिर प्रशासन कब करेगा कार्रवाई?”
“फिलहाल मामला चर्चा में है… और अब सबकी नजर जिला प्रशासन और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की कार्रवाई पर टिकी है।



