हाईटेक लैब्स से कसेगा अपराधियों पर शिकंजा, जांच और साक्ष्य विश्लेषण की प्रक्रिया होगी और सटीक

हाईटेक लैब्स से कसेगा अपराधियों पर शिकंजा, जांच और साक्ष्य विश्लेषण की प्रक्रिया होगी और सटीक
यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज में हाईटेक लैब्स की स्थापना की जाएगी। इन लैब में क्वांटम कंप्यूटिंग, चैलेंज्ड ऑडियो-वीडियो, 3-डी प्रिंटिंग, एससीएडीए और डिजिटल फॉरेंसिक लैब शामिल हैं।
बदलते अपराध के तौर-तरीकों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज में पांच नई आधुनिक लैब्स स्थापित की जाएंगी। इससे अपराधों की जांच और साक्ष्य विश्लेषण की प्रक्रिया और तेज व सटीक होगी।
संस्थान के निदेशक जीके गोस्वामी ने बताया कि नई लैब्स में क्वांटम कंप्यूटिंग, चैलेंज्ड ऑडियो-वीडियो, 3-डी प्रिंटिंग, एससीएडीए और डिजिटल फॉरेंसिक लैब शामिल हैं। निदेशक के मुताबिक संस्थान में पहले से ही साइबर फॉरेंसिक, डीएनए प्रोफाइलिंग, एआई-ड्रोन और डॉक्यूमेंट जांच जैसी लैब्स संचालित हैं। नई लैब्स शुरू होने से मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी और दोषियों को जल्द सजा दिलाने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने में भी यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी।
ये होंगी लैब…और इनसे सहूलियत1- क्वांटम कंप्यूटिंग लैब : इसके जरिये जटिल डाटा और इन्क्रिप्शन से जुड़े मामलों का तेजी से विश्लेषण किया जा सकेगा, जिससे साइबर अपराधों की जांच को मजबूती मिलेगी।2- चैलेंज्ड ऑडियो-वीडियो लैब : खराब गुणवत्ता वाले ऑडियो और वीडियो को स्पष्ट करने में सहायक होगी, जिससे उन्हें साक्ष्य के रूप में उपयोग किया जा सकेगा।3 -डी प्रिंटिंग लैब : घटनास्थल के मॉडल तैयार किए जाएंगे और घटनाओं का पुनर्निर्माण किया जा सकेगा, जिससे जांच एजेंसियों को केस समझने और सुलझाने में आसानी होगी।4- एससीएडीए लैब : औद्योगिक संस्थानों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय ढांचों को लक्षित करने वाले साइबर हमलों की जांच में यह लैब अपनी अहम भूमिका निभाएगी।5- डिजिटल फॉरेंसिक लैब : यह लैब मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से डेटा निकालने और उसका गहन विश्लेषण करने की क्षमता को बढ़ाएगी, जो आज के डिजिटल युग में अपराध जांच का एक जरूरी हिस्सा है।



