प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में लापरवाही, ठेकेदारों के अनुबंध रद्द… दो साल का प्रतिबंध भी लगा

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में लापरवाही, ठेकेदारों के अनुबंध रद्द… दो साल का प्रतिबंध भी लगा
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में लापरवाही पर दो ठेकेदारों के अनुबंध रद्द कर दिए। साथ ही दो साल का प्रतिबंध भी लगा दिया।
उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत सड़क निर्माण कार्यों में लापरवाही और गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन पर सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश पर गाजीपुर और प्रयागराज में कार्यरत ठेकेदार मैसर्स सिंगला गुप्ता एंड सन्स के कई अनुबंध रद्द कर दिए गए हैं। इसके साथ ही फर्म को दो वर्षों के लिए डिबार कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, पीएमजीएसवाई-3 के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान एफडीआर तकनीक से सड़क निर्माण के लिए गाजीपुर और प्रयागराज में पैकेज स्वीकृत किए गए थे। गाजीपुर में संबंधित पैकेज का अनुबंध 18 अक्टूबर 2022 को और प्रयागराज में 31 अगस्त 2022 को ठेकेदार को दिया गया था।
जांच में सामने आया कि ठेकेदार ने अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया, कार्यों में गंभीर लापरवाही बरती और गुणवत्ता व समयसीमा के मानकों का पालन नहीं किया। इसके बाद गाजीपुर के सभी संबंधित पैकेजों के अनुबंध 26 दिसंबर 2025 को और प्रयागराज के पैकेज 7 नवंबर 2025 को निरस्त कर दिए गए।
पारदर्शिता और गुणवत्ता से समझौता नहीं
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित सड़क निर्माण सरकार की प्राथमिकता है। लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के सीईओ अंकुर कौशिक ने भी कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।



