वर्दी का गुरूर बनाम लोकतंत्र: संत कबीर नगर में पुलिसिया तानाशाही के खिलाफ समाजवादी हुंकार!

वर्दी का गुरूर बनाम लोकतंत्र: संत कबीर नगर में पुलिसिया तानाशाही के खिलाफ समाजवादी हुंकार!

जब सत्ता की हनक और वर्दी का अहंकार सिर चढ़कर बोलने लगे, तो समझ लीजिए कि लोकतंत्र खतरे में है। संत कबीर नगर में पुलिस द्वारा समाजवादी साथियों के साथ की गई अभद्रता और अपशब्दों का प्रयोग ‘पुलिसिया तानाशाही’ का चरम है।
अपर पुलिस अधीक्षक का यह व्यवहार प्रशासनिक शिष्टाचार का जनाजा निकालने जैसा है। याद रहे, खाकी का खौफ दिखाकर आप हक की आवाज़ को दबा नहीं सकते, क्योंकि दमन के खिलाफ लड़ना हमारे डीएनए में है। समाजवादी लोग न तो धमकियों से झुकेंगे और न ही पीछे हटेंगे।
हमारा स्पष्ट संदेश है:
दोषी अधिकारी पर तत्काल विभागीय जांच हो।
जाँच पूरी होने तक उन्हें पद से हटाया जाए।
अन्यथा, न्याय की इस जंग को हम सड़कों पर ले जाने के लिए मजबूर होंगे।



