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तहसील खजनी में न्यायिक कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से मिलकर की जांच की मांग

तहसील खजनी में न्यायिक कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से मिलकर की जांच की मांग

गोरखपुर। तहसील खजनी में न्यायिक एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बुधवार को खजनी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता सत्य प्रकाश श्रीवास्तव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मुलाकात कर तहसीलदार धुवेश कुमार सिंह के कार्यकाल से जुड़े विभिन्न आरोपों की जांच की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को एक विस्तृत प्रार्थना पत्र सौंपते हुए न्यायिक प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, कर्मचारियों के साथ व्यवहार तथा न्यायालय संचालन से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया।
बार एसोसिएशन का आरोप है कि तहसीलदार के कार्यकाल में तहसील का माहौल लंबे समय से तनावपूर्ण बना हुआ है। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि न्यायिक कार्यों के संचालन में पूरी तरह से विधिक अनियमितता बरती जाती है कई मामलों में स्थापित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा है।
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि तहसीलदार की पूर्व तैनाती के दौरान पत्रकारों एवं कर्मचारियों के प्रति कथित अभद्र भाषा के प्रयोग का एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद उनका स्थानांतरण लेखपाल प्रशिक्षण महाविद्यालय गोरखपुर कर दिया गया था। बाद में उनकी तैनाती तहसील खजनी में हुई, लेकिन यहां भी विवादों का सिलसिला आने के बाद से ही जारी रहने का आरोप लगाया गया है।
अधिवक्ताओं के अनुसार फर्जी नक्शा शासन को भेजे जाने के मामले को लेकर उप जिलाधिकारी के पेशकार और तहसीलदार के बीच विवाद हुआ था। इस प्रकरण को कर्मचारी संगठनों ने भी उठाया था। इसके बाद उपजिलाधिकारी न्यायालय में पेशकार की नियुक्ति को लेकर स्थिति जटिल बनी रही और प्रशासनिक व्यवस्था के तहत वैकल्पिक जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
बार एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि वर्तमान में न्यायालय संबंधी कई कार्य अस्थायी व्यवस्थाओं के सहारे संचालित हो रहे हैं। कंप्यूटर संचालन से जुड़े कर्मचारियों से न्यायालयीन कार्य कराए जाने तथा कुछ कार्यों में निजी व्यक्तियों की भूमिका बढ़ने की भी शिकायत की गई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि इससे न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। वहीं जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अधिवक्ताओं को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, लगाए गए आरोपों पर तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रतिनिधि मंडल में दीवानी न्यायालय के अध्यक्ष श्री उमापति उपाध्याय दीवानी न्यायालय के मंत्री अनुज अस्थाना कलेक्ट्री कचहरी के मंत्री चंद्र प्रकाश मिश्रा तहसील बार एशोसिएसन खजनी के मंत्री चंद्रमौली शर्मा तहसील वार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईश्वर सिंह तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रामप्रीत यादव सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे l

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