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लखनऊ में BJP पार्षद ने पार्क पर बना लिया कार्यालय, मंडलायुक्त का आदेश भी नहीं माना; हाईकोर्ट ने दिया गिराने का निर्देश

लखनऊ में BJP पार्षद ने पार्क पर बना लिया कार्यालय, मंडलायुक्त का आदेश भी नहीं माना; हाईकोर्ट ने दिया गिराने का निर्देश

*लखनऊ।* राजधानी लखनऊ में भाजपा पार्षद द्वारा सार्वजनिक पार्क की जमीन पर कब्जा कर अपना कार्यालय बना लेने का मामला सामने आया है। मंडलायुक्त के हटाने के आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, तो मामला हाईकोर्ट पहुंचा। अब हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त को 3 महीने के अंदर अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया है।

*कौन हैं पार्षद? क्या है पूरा मामला?*

पार्क में कार्यालय बनाने वाले पार्षद का नाम *कृष्ण नारायण (केएन) सिंह* है। वह नगर निगम के खरिकापुर प्रथम वार्ड के पार्षद हैं, जो सरोजनीनगर तहसील क्षेत्र में आता है।

याचिकाकर्ता सुल्तान खान के मुताबिक, गाटा संख्या 535, क्षेत्रफल 0.2280 हेक्टेयर की यह भूमि राजस्व रिकॉर्ड में बंजर दर्ज है, जिसका उपयोग पार्क के रूप में हो रहा है। आरोप है कि पार्षद ने इस जमीन पर अवैध और मनमाने तरीके से पक्का निर्माण करा कर अपना कार्यालय बना लिया है, जहां वह लोगों से मिलते हैं और बैठकें करते हैं।

*मंडलायुक्त के आदेश के बाद भी नहीं हटा कब्जा*

सुल्तान खान ने बताया कि उन्होंने GPS लोकेशन और फोटो के साथ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत से शिकायत की थी। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को कार्यालय हटाने का निर्देश दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि लेखपाल रमेशराम पार्षद के सहयोगी हैं। जोन-8 से जोन-3 में ट्रांसफर होने के बावजूद वह पार्षद से मिलने आते रहते हैं। प्रशासन और नगर निगम में शिकायत पर कार्रवाई न होने पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका डाली।

*हाईकोर्ट ने क्या कहा?*

हाईकोर्ट में 20 अगस्त को सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि क्षेत्र अब लखनऊ नगर निगम की सीमा में आता है, इसलिए याचिकाकर्ता नगर आयुक्त के समक्ष नई शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

कोर्ट ने नगर आयुक्त को आदेश दिया है कि इस आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के बाद 3 महीने के भीतर जांच पूरी कर अवैध अतिक्रमण पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करें।

सरकारी वकील ने अदालत में दलील दी कि बंजर भूमि का उपयोग केवल ग्रामसभा या सरकारी कार्यों के लिए हो सकता है। किसी भी निजी व्यक्ति को इस पर निर्माण करने का अधिकार नहीं है। यदि अवैध निर्माण पाया जाता है, तो उसे कानून के मुताबिक गिराया जा सकता है।

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