लखनऊ मण्डल के आस्था के स्थलों तथा प्राचीन धरोहरों को संवारकर पर्यटन को दिया जायेगा बढ़ावा-जयवीर सिंह

लखनऊ मण्डल के आस्था के स्थलों तथा प्राचीन धरोहरों को संवारकर पर्यटन को दिया जायेगा बढ़ावा-जयवीर सिंह
पर्यटन मंत्री ने लखनऊ मण्डल के अंतर्गत आने वाले जनपदों में क्रियान्वित पर्यटन परियोजनाओं के प्रगति तथा कार्ययोजना 2026-27 के लिए विधानसभावार प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा की
लखनऊ: 03 अगस्त, 2026
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने आज मण्डलायुक्त लखनऊ के सभागार में पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग द्वारा क्रियान्वित परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा तथा कार्ययोजना 2026-27 एवं मण्डल के विधानसभावार प्राप्त पर्यटन विकास के प्रस्तावों तथा वित्तीय वर्ष 2024 से लेकर 2026 तक की गहन समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं एवं उससे संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि 1.50 करोड़ तक की विकास परियोजनाओं को आगामी नवम्बर तक अनिवार्य रूप से पूरा कर ली जाए। उन्होंने परियोजना का शुभारम्भ करते समय भूमि पूजन, क्षेत्रीय सांसद, विधायक तथा विधान परिषद के सदस्यों से कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इन आदेशों के उल्लंघन पर कठोर कार्यवाही की जायेगी और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जायेगा।
पर्यटन मंत्री ने लखनऊ के ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक धरोहरों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करने के लिए प्रस्तावित और निर्माणाधीन योजनाओं की बिन्दुवार समीक्षा की। उन्होंने लखनऊ में निर्माणाधीन नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण का निर्माण अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार सई नदी के तट पर घाट का निर्माण की गति तेज करने तथा महाराज बिजली पासी किले की फसाड वाल का निर्माण तथा पर्यटन विकास की परियोजना को अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिये। इको टूरिज्म के अंतर्गत कुकरैल रिजर्व फारेस्ट का पर्यटन विकास नवम्बर तक जनप्रतिनिधियों के समन्वय से कराने को निर्देशित किया।
उन्होंने लखनऊ मण्डल के विभिन्न विधानसभाओं के अंतर्गत स्वीकृति परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि रवीन्द्रालय का पर्यटन विकास अक्टूबर तक पूरा कर लें। कार्य शुरू करने के लिए जनप्रतिनिधियों द्वारा भूमि पूजन न कराने पर कठोर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आचार संहिता लगने से पहले विकास कार्यों में तेजी लाते हुए लोकार्पण के लिए परियोजनाओं को तैयार करें। उन्होंने लखनऊ में अनारम्भ 16 परियोजनाओं की विधिवत् समीक्षा करके कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिये। उन्होंने जनपद सीतापुर के मिश्रिख का पर्यटन विकास और विश्वस्तरीय धरोहर नैमिषारण्य के सभी कार्य नवम्बर तक पूरा करने के निर्देश दिये।
पर्यटन मंत्री ने विधानसभा सीतापुर की परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की तथा नैमिषारण्य में स्थित धर्मशाला का पिलग्रिम इण्टरप्रिटेशन सेंटर का नवीनीकरण नवम्बर तक करने को कहा। इसके अलावा 154.56 करोड़ रूपये की लागत से निर्माणाधीन सिधौली के गोदलामऊ के अति प्राचीन महादेव मंदिर का पर्यटन विकास में तेजी लाने के निर्देश दिये। इसी प्रकार लहरपुर, मिश्रिख, महमूदाबाद पर्यटन विकास योजनाओं के भूमि पूजन का तिथिवार कार्यक्रम तैयार करके जनप्रतिनिधियों से समय लेने के निर्देश दिये। उन्होंने जनपद लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्ण शिव मंदिर को रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैण्ड से आने वाली सड़कों की ओर कॉरिडोर का निर्माण तथा डल्लू लाल मंदिर एवं सुविधाओं का निर्माण जिसका 2248.73 लाख रूपये से होना है, उसे सितम्बर तक पूरा करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार विधानसभा गोला, बलिया, लखीमपुर सदर, मोहम्मदी, निघासन, श्रीनगर, कस्ता की परियोजनाओं को नवम्बर तक पूरा करने के निर्देश दिये।
श्री जयवीर सिंह ने जनपद रायबरेली की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि शहीद स्मारक स्थल मुंशीगंज का पर्यटन विकास 15 अगस्त तक पूरा कर लिया जाए। इसी प्रकार ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र, सलोन, हरिचंद्रपुर, रायबरेली सदर, बछरांवा तथा उन्नाव के विधानसभा सदर, पुरवा, बागरमऊ, भगवंतनगर, उन्नाव सदर तथा जनपद हरदोई, बालामऊ, संडीला, सांडी, गोपामऊ, मिलग्राम, मल्लावा, बालामऊ, विधानसभा क्षेत्रों की विकास परियोजनाओं को तेजी से कार्य आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने संस्कृति विभाग के अंतर्गत सार्वजनिक रामलीला मैदानों, स्थलों का विकास, विस्तार तथा जीर्णोद्धार एवं सौन्दर्यीकरण आदि की समीक्षा की। इसके अलावा पुरातत्व निदेशालय द्वारा पुरास्थलों का संरक्षण एवं अनुरक्षण कार्य को प्राथमिकता दिये जाने पर जोर दिया। इसके अलावा लखनऊ मण्डल के अंतर्गत संस्कृति विभाग उ0प्र0 की चालू परियोजनाओं को समय से पूरा करने के लिए निर्देशित किया।
पर्यटन मंत्री ने लखनऊ मण्डल की कार्ययोजना 2026-27 हेतु विधानसभावार प्राप्त पर्यटन विकास प्रस्तावों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इन प्रस्तावों को अगले नवम्बर तक जमीन पर उतारने का हरसंभव प्रयास करें तथा जिन परियोजनाओं के प्रस्ताव मिले हैं, उनके अभिलेख की विधिवत जांच करके काम शुरू करा दें। इसके साथ ही प्राथमिकता के आधार पर भूमि संबंधी अभिलेखों की जांच पड़ताल करने के उपरान्त प्रस्तावों को आगे बढ़ायें। उल्लेखनीय है कि कार्ययोजना 2026-27 हेतु प्राप्त पर्यटन विकास के प्रस्ताव लखनऊ के अंतर्गत आने वाली विधानसभाओं, जनपद लखीमपुर खीरी की विधानसभाओं, जनपद सीतापुर की विधानसभाओं, जनपद रायबरेली की विधानसभाओं, जनपद हरदोई की विधानसभाओं, जनपद उन्नाव की विधानसभाओं से प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तार पूर्वक समीक्षा की गयी। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किये कि परियोजनाओं से संबंधित समस्त प्रक्रिया पूरी करते हुए निर्माण कार्य धरातल पर उतारें। इसमें किसी प्रकार की कोताही अथवा उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
समीक्षा बैठक में लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, उन्नाव जनपदों के विधायकगण, विधानपरिषद सदस्य, सांसद प्रतिनिधि तथा मा0 रक्षामंत्री के विशेष कार्याधिकारी श्री दिवाकर त्रिपाठी समेत लखनऊ के मण्डलायुक्त श्री विजय विश्वास पंत, महानिदेशक पर्यटन श्री वेदपति मिश्रा, विशेष सचिव पर्यटन श्री दीपा रंजन व श्री मृदुल चौधरी के अलावा अंजू चौधरी, पुरातत्व निदेशक रेनू द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अधिकारी मौजूद थे।



