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लखनऊ अधिकार स्विच होने के बाद महापौर ने ललित तिवारी को दिलाई शपथ, बोलीं- दोबारा चुनाव होना चाहिए था

लखनऊ अधिकार स्विच होने के बाद महापौर ने ललित तिवारी को दिलाई शपथ, बोलीं- दोबारा चुनाव होना चाहिए था

राजधानी में सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी रविवार सुबह नगर निगम पहुंचे। कोर्ट के आदेश के बाद आज उन्हें शपथ दिलाई गई। 

राजधानी लखनऊ में पांच महीने तक चली कानूनी लड़ाई के बाद सपा के ललित तिवारी को फैजुल्लागंज तृतीय वार्ड से पार्षद पद की शपथ दिलाई गई। महापौर सुषमा खर्कवाल ने शपथ दिलाई। नगर निगम के 660 साल के इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी को कोर्ट के आदेश पर शपथ दिलाई गई हो।

यह मामला फैजुल्लागंज तृतीय वार्ड का है। वहां पर भाजपा के प्रदीप शुक्ला टिंकू विजय हुए थे। दूसरे नंबर पर सपा के ललित तिवारी रहे थे। इन दोनों के बीच मतों का अंतर करीब 1700 का था। चुनाव के बाद ललित किशोर ने कोर्ट में वाद दायर किया कि भाजपा के प्रदीप शुक्ला टिंकू ने शपथ पत्र में अपनी विवाह को लेकर गलत जानकारी दी है।

ललित तिवारी शपथ ग्रहण को लेकर प्रयास कर रहे थे

इसके बाद कारीब पांच महीने पहले अपर जिला जज की कोर्ट ने प्रदीप शुक्ला के निर्वाचन को निरस्त करते हुए ललित तिवारी को निर्वाचित घोषित कर दिया। निर्वाचित घोषित होने के बाद से ललित तिवारी शपथ ग्रहण को लेकर प्रयास कर रहे थे। इसको लिए उन्होंने नगर निगम, जिलाधिकारी, मंडल आयुक्त कार्यालय और शासन तक पत्राचार किया। जब शपथ ग्रहण नहीं कराया गया तो उन्होंने इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में वाद किया। हाईकोर्ट की ओर से शपथ ग्रहण करने के लिए आदेश जारी किए गए।

कोर्ट ने महापौर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए

इसके बाद जब शपथ नहीं कराई गई तो 21 मई को हाईकोर्ट ने महापौर सुषमा खर्कवाल के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। इस बीच महापौर कमांड अस्पताल में भर्ती हो गईं। उनका कहना था कि वह बीमार हैं, इसलिए इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं। महापौर से जब बात की गई तो उन्होंने कहा था कि जब अस्पताल से डिस्चार्ज होंगी, तब कुछ करेंगी। शनिवार को वह अस्पताल से डिस्चार्ज हुईं। इसके बाद रविवार को उन्होंने शपथ ग्रहण कराया। इस बीच सोशल मीडिया पर भाजपा के कुछ पार्षद व अन्य लोगों की ओर से यह मांग भी उठाई गई कि तृतीय वार्ड में उपविजेता को पार्षद घोषित करने की बजाय वहां पर चुनाव कराया जाना चाहिए था।

दोबारा चुनाव होना चाहिए था

सोशल मीडिया पर भाजपा पार्षद अनुराग मिश्रा ने लिखा कि वह हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन जिस तरह रामपुर में आजम अब्दुल्ला के गलत शपथ पत्र के आधार पर चुनाव को रद्द कर दोबारा चुनाव कराया गया, उसी आधार पर यहां भी कराया जाना चाहिए।वहीं ललित तिवारी को पार्षद पद की शपथ ग्रहण करने के बाद महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया है। अब तक पालन न किए जाने को लेकर कहा कि वह अस्वस्थ थीं। जैसे ही ठीक हुईं, उन्होंने शपथ ग्रहण करा दिया है। यह भी कहा की चुनाव में प्रदीप शुक्ला टिंकू को ललित तिवारी से ज्यादा मत मिले थे। आजम खान के बेटे अब्दुल्ला के मामले में जिस तरह से दोबारा चुनाव कराया गया था, उसी तरह से यहां भी होना चाहिए था।

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