मुख्यमंत्री योगी की सख्त हिदायत: जलभराव और लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई, अधिकारियों को दिए ये निर्देश

मुख्यमंत्री योगी की सख्त हिदायत: जलभराव और लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई, अधिकारियों को दिए ये निर्देश
गोरखपुर में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास कार्यों, बाढ़ बचाव और जलनिकासी की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि शहर में जलभराव की समस्या किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रमुख निर्देश और मुख्य बिंदु:
ड्रेनेज और सफाई व्यवस्था:
सभी बड़े-छोटे नालों और नालियों की नियमित सफाई कराकर उन्हें पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
सफाई के बाद नालों को ढका जाए ताकि कोई दुर्घटना न हो।
सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर कड़ाई से रोक लगाई जाए, जिससे नाले चोक न हों।
बारिश के दौरान जलभराव रोकने के लिए नगर निगम के सभी पम्पों को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाए।
स्वच्छता और
जन-जागरूकता:
हर वार्ड, मलिन बस्तियों और खाली पड़े प्लॉटों की सफाई के लिए विशेष टीमें बनाई जाएं।
नियमित छिड़काव
एंटी-लार्वा) और फॉगिंग सुनिश्चित की जाए।
लोगों को जागरूक किया जाए कि वे नालियों में कचरा न फेंकें। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छता अभियान को रूटीन कार्य का हिस्सा बनाया जाए।
शहर की व्यवस्था और
नागरिक सुविधाएं:
सड़कों पर बेसहारा गोवंश न दिखें और आवारा कुत्तों के लिए ‘डॉग शेल्टर’ का निर्माण कराया जाए।
स्ट्रीट वेंडर्स को व्यवस्थित
किया जाए, स्ट्रीट लाइटों को ठीक रखा जाए और सभी CCTV कैमरों को अपडेट रखा जाए।
स्वास्थ्य एवं बाढ़ सुरक्षा
उपाय
जिला अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में एंटी-स्नेक वेनम और एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध रहे।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तटबंधों की नियमित गश्त (पेट्रोलिंग) हो, बाढ़ चौकियां सक्रिय रहें और राहत केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं।



