भारत

बीसी सखियों की समस्याओं के समाधान के लिए डीएम सख्त, लंबित मानदेय का मुद्दा उठा

जिले में 1,017 सक्रिय बीसी सखियां कार्यरत, आईडी कार्ड बनवाने और नए बैंकों से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश

बीसी सखियों की समस्याओं के समाधान के लिए डीएम सख्त, लंबित मानदेय का मुद्दा उठा

 

जिले में 1,017 सक्रिय बीसी सखियां कार्यरत, आईडी कार्ड बनवाने और नए बैंकों से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश

 

गाजीपुर। जिले में बैंकिंग सेवाओं को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली बीसी सखियों की समस्याओं के समाधान को लेकर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने गंभीरता दिखाई है। गुरुवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बीसी सखियों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बीसी सखियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें अपने कार्यों के संचालन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।बैठक में बीसी सखियों को अधिकृत पहचान पत्र उपलब्ध कराने, नए राष्ट्रीयकृत बैंकों को जोड़ने संबंधी शासनादेश के अनुपालन में हो रहे विलंब, लंबित मानदेय तथा मनरेगा मजदूरों के भुगतान का कार्य बीसी सखियों के माध्यम से कराए जाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बीसी सखियों के लिए पंचायत भवनों में बैठने की व्यवस्था पुनः सुनिश्चित की जाए, जिससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने पहचान पत्र बनवाने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के लिए बीसी सखियों से अपनी फोटो और आवश्यक विवरण संबंधित ब्लॉक में जमा कराने को कहा।डीएम ने कहा कि बीसी सखियों को अधिकृत पहचान पत्र उपलब्ध होने से उनके कार्यों में सुविधा होगी और उनकी पहचान भी सुनिश्चित हो सकेगी।बैठक में नए राष्ट्रीयकृत बैंकों को जोड़ने संबंधी शासनादेश के अनुपालन में हो रही देरी का मुद्दा भी सामने आया। इस पर जिलाधिकारी ने अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) को निर्देश दिया कि शासनादेश का शीघ्र अनुपालन कराया जाए। संबंधित बैंकों से बीसी सखियों को जोड़ने और उनकी ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए, ताकि वे निर्धारित व्यवस्था के तहत बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर सकें।बैठक में बीसी सखियों के मानदेय से संबंधित स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जनपद में कुल 1,017 सक्रिय बीसी सखियां कार्यरत हैं। इनमें से 705 बीसी सखियों को छह माह का पूरा मानदेय प्राप्त हो चुका है, जबकि अन्य बीसी सखियों का कुछ महीनों का मानदेय अभी अप्राप्त है। वहीं, 104 बीसी सखियों के छह माह का मानदेय लंबित बताया गया।शासन की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, मानदेय की सुविधा प्राप्त करने के लिए बीसी सखियों को प्रत्येक माह न्यूनतम 15 ट्रांजेक्शन पूरे करना आवश्यक है। निर्धारित शर्त पूरी होने पर उन्हें नियमानुसार मानदेय प्राप्त होगा।बैठक में मनरेगा मजदूरों के भुगतान का कार्य बीसी सखियों के माध्यम से कराए जाने के विषय पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने डीसी एनआरएलएम को निर्देशित किया कि इस संबंध में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भुगतान संबंधी सुविधाओं को और सुलभ बनाया जा सके।जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बीसी सखियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। बैठक का उद्देश्य बीसी सखियों को कार्य करने के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, उनकी लंबित समस्याओं का निस्तारण करना और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना रहा।इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, डीसी एनआरएलएम वी.के. यादव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में बीसी सखियां उपस्थित रहीं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button