बीआरडी मेडिकल कॉलेज घोटाला: “ब्रांडेड की जगह खटारा कुर्सियां”, कांग्रेस ने घेरा, भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज करने की मांग।

मुख्यमंत्री के गृहजनपद का मामला
बीआरडी मेडिकल कॉलेज घोटाला: “ब्रांडेड की जगह खटारा कुर्सियां”, कांग्रेस ने घेरा, भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज करने की मांग।
गोरखपुर | दिनांक: 08.05.2026
बीआरडी मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम घोटाला: जांच में धांधली की पुष्टि के बाद भी ‘अपराधियों’ पर मेहरबानी क्यों? – महानगर कांग्रेस
गोरखपुर। बाबा राघव दास (BRD) मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम जीर्णोद्धार में हुए ₹7.63 करोड़ के भारी भ्रष्टाचार को लेकर आज महानगर कांग्रेस कमेटी ने हुंकार भरी। महानगर उपाध्यक्ष जितेन्द्र विश्वकर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त की अनुपस्थिति में अपर आयुक्त (प्रशासन) को दो सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर दोषी कार्यदायी संस्था यूपी सिडको और संलिप्त अधिकारियों पर तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
जांच में साबित हुई ‘चोरी’, फिर भी लीपापोती का खेल
जितेन्द्र विश्वकर्मा ने कड़े शब्दों में कहा कि ऑडिटोरियम में ब्रांडेड कुर्सियों के नाम पर घटिया स्थानीय कुर्सियां लगाकर सरकारी धन की लूट की गई है। मंडलायुक्त द्वारा कराई गई जांच में इस धांधली की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि दोषियों को जेल भेजने के बजाय प्रशासन उन्हें ‘गलती सुधारने’ की नसीहत देकर मामले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है।
कांग्रेस की दो मुख्य मांगें:
भ्रष्टाचार का मुकदमा: कार्यदायी संस्था यूपी सिडको और मेडिकल कॉलेज के संबंधित अधिकारियों पर तत्काल FIR दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
ब्लैकलिस्टिंग: भ्रष्टाचार में लिप्त यूपी सिडको को भविष्य के लिए मेडिकल कॉलेज परिसर के सभी कार्यों से स्थायी रूप से प्रतिबंधित (Blacklist) किया जाए।
“मुख्यमंत्री के गृह जनपद में अधिकारियों के संरक्षण में भ्रष्टाचार फल-फूल रहा है। बिना हैंडओवर लिए ऑडिटोरियम में कार्यक्रम आयोजित होना और घटिया काम के बावजूद आधा भुगतान कर देना, मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ईमानदारी पर बड़े सवाल खड़े करता है।” > — जितेन्द्र विश्वकर्मा, महानगर उपाध्यक्ष
प्रशासन की मिलीभगत पर सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को जहां मुकदमा दर्ज कराना चाहिए था, वहां वे संस्था को बचाव का रास्ता दे रहे हैं। आखिर ब्रांडेड चेयर की जगह लोकल कुर्सियां लगने की जानकारी होने के बावजूद भुगतान क्यों किया गया? यह ‘वफादारी’ जनता के पैसे की कीमत पर क्यों निभाई जा रही है?
प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
अशोक निषाद, अभय सिंह (महानगर महासचिव), अभिमन्यु विश्वकर्मा (महानगर महासचिव), शैलेन्द्र बल्लभ पाण्डेय, दयानंद यादव (पूर्व उपाध्यक्ष, किसान कांग्रेस), दीपू शर्मा, श्यामू साहनी, उमेश शर्मा, राकेश मौर्या, राज कुमार मोदनवाल आदि।



