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बलरामपुर ..समाधान शिविर में गरजीं विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते, राजस्व अधिकारियों को दी सख्त नसीहत

बलरामपुर ..समाधान शिविर में गरजीं विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते, राजस्व अधिकारियों को दी सख्त नसीहत

शैलेंद्र कुमार द्विवेदी

इंडिया नाऊ २४

छत्तीसगढ़

बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गुडरू में आयोजित समाधान शिविर उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने मंच से राजस्व अधिकारियों की कार्यशैली पर खुलकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को जनता के प्रति संवेदनशील बनने की सीख देते हुए कहा कि अधिकारी अपने गुरूर में रहना बंद करें और आम लोगों की समस्याओं का समय पर निराकरण करें।

विधायक के तीखे तेवर और साफ शब्दों में दी गई नसीहत के बाद शिविर में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी गंभीर नजर आए। ग्रामीणों ने भी विधायक की बातों का समर्थन करते हुए अपनी समस्याएं सामने रखीं।

“जनता का श्राप बड़े-बड़े लोगों का गुरूर तोड़ देता है ..

समाधान शिविर को संबोधित करते हुए विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने कहा कि जनता सबसे बड़ी ताकत होती है और जनता की बदौलत ही अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि अपने पदों पर पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी आम लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज करेंगे तो इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ेगा। उन्होंने मंच से स्पष्ट शब्दों में कहा कि “जनता का श्राप बड़े-बड़े लोगों का गुरूर तोड़ देता है”, इसलिए अधिकारियों को अपने व्यवहार में बदलाव लाना चाहिए और लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।

राजस्व मामलों के लंबित रहने पर जताई नाराजगी..

विधायक ने विशेष रूप से राजस्व विभाग के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि गांवों में जमीन सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा और पट्टा जैसे कई प्रकरण लंबे समय से लंबित पड़े हुए हैं। ग्रामीण लगातार कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान समय पर नहीं हो पा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे, लेकिन कुछ अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे मामलों में सुधार लाना बेहद जरूरी है।

योजनाओं का लाभ दिलाने पर दिया जोर …

बलरामपुर में समाधान शिविर में विधायक ने कहा कि सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित हो रही हैं, जिनका लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल दफ्तरों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनें और उनका समाधान करें। उन्होंने यह भी कहा कि गरीब, किसान और जरूरतमंद लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। यदि कोई पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित रहता है तो यह प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोरी मानी जाएगी।

ग्रामीणों ने भी रखीं अपनी समस्याएं…

शिविर के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, राशन, आवास और राजस्व से जुड़े कई मामलों को विधायक और अधिकारियों के सामने रखा। कई ग्रामीणों ने शिकायत की कि छोटे-छोटे कामों के लिए भी उन्हें कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।विधायक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कई मामलों में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए और कहा कि समाधान शिविर का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं बल्कि लोगों की समस्याओं का वास्तविक निराकरण होना चाहिए।

समाधान शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीण …

ग्राम पंचायत गुडरू में आयोजित इस समाधान शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। शिविर के दौरान कई आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया, जबकि अन्य मामलों के लिए संबंधित विभागों को समयसीमा के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के सख्त तेवर और अधिकारियों को दी गई खुली चेतावनी अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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