जखनिया (गाजीपुर) : न्यायालय में विचाराधीन भूमि पर कब्जा कराने का आरोप, राजस्व विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

न्यायालय में विचाराधीन भूमि पर कब्जा कराने का आरोप, राजस्व विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

जखनिया (गाजीपुर), 11 जुलाई। भुड़कुड़ा कोतवाली क्षेत्र के रामपुर बलभद्र (विश्रामपुर) गांव में न्यायालय में विचाराधीन भूमि पर कथित रूप से एक पक्ष को कब्जा दिलाने का आरोप सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पीड़ित पक्ष ने राजस्व विभाग के अधिकारियों और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पीड़िता देवंती देवी, पत्नी स्वर्गीय राजू, का आरोप है कि उनकी भूमि से संबंधित विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद कानूनगो, हल्का लेखपाल तथा पुलिस की मौजूदगी में विपक्षी पक्ष को विवादित भूमि पर पिलर लगाकर रास्ता बनाने में सहयोग दिया गया। उनका कहना है कि इस कार्रवाई से पहले उन्हें न तो कोई सूचना दी गई और न ही किसी सक्षम न्यायालय अथवा प्रशासनिक आदेश की जानकारी उपलब्ध कराई गई।
देवंती देवी का कहना है कि जब मामला न्यायालय में लंबित है, तब किसी भी पक्ष को कब्जा दिलाने जैसी कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व अधिकारियों ने निष्पक्षता बरतने के बजाय एक पक्ष का साथ दिया, जिससे उन्हें भारी नुकसान और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।घटना के बाद गांव में भी नाराजगी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि भूमि विवाद न्यायालय में लंबित है तो प्रशासन को किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले न्यायालय के आदेशों का पालन करना चाहिए।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।पीड़िता ने जिलाधिकारी एवं अन्य उच्च अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने, विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।हालांकि, इस मामले में राजस्व विभाग या पुलिस प्रशासन का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।



