जखनियां (गाजीपुर) : ग्रामीण मजदूरों की मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

ग्रामीण मजदूरों की मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
मनरेगा बहाली, 200 दिन रोजगार, ₹700 दैनिक मजदूरी और ग्रामीण विकास के लिए विशेष बजट की उठाई मांग

जखनियां (गाजीपुर)। उत्तर प्रदेश खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन, जखनियां की ओर से बुधवार को विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से सौंपा गया। यूनियन ने केंद्र सरकार से ग्रामीण मजदूरों के हित में ठोस कदम उठाने और रोजगार की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की।यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से मनरेगा को प्रभावी ढंग से लागू करने, ग्रामीण मजदूरों को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए बजट बढ़ाने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।ज्ञापन में प्रमुख रूप से मनरेगा को पूरी तरह बहाल करने, बकाया मजदूरी का तत्काल भुगतान कराने, ग्रामीण मजदूरों को वर्ष में 200 दिन रोजगार तथा प्रतिदिन 700 रुपये मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए कम से कम ढाई लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित करने की मांग भी उठाई गई।यूनियन ने ग्रामीण मजदूरों के लिए प्रतिमाह 10 हजार रुपये वृद्धावस्था पेंशन, मुफ्त बिजली, मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं और पक्के आवास की व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही प्रत्येक यूनिट पर 10 किलोग्राम राशन के अलावा चीनी, खाद्य तेल, दाल, नमक और साबुन जैसी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया गया।ज्ञापन में भूमिहीन ग्रामीण मजदूरों के लिए दुर्घटना बीमा योजना के तहत 10 लाख रुपये की गारंटी तथा उनके बच्चों को प्राथमिक शिक्षा से लेकर स्नातक स्तर तक निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।उत्तर प्रदेश खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति से जनहित में इन मांगों पर विचार कर केंद्र सरकार को आवश्यक निर्देश जारी करने की अपील की।



