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छत्तीसगढ़ : स्व-सहायता समूह से जुड़कर मंजू बनीं लखपति दीदी

स्व-सहायता समूह से जुड़कर मंजू बनीं लखपति दीदी

खेती, पशुपालन और शासन की योजनाओं से बनी आत्मनिर्भर

कभी परिवार चलाना था मुश्किल आज दूसरों के लिए बनी प्रेरणा

शैलेंद्र कुमार द्विवेदी
इंडिया नाऊ २४
छत्तीसगढ़

बलरामपुर, 27 मई 2026/ ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शासन की योजनाएं लगातार प्रभावी साबित हो रही हैं। विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम पंचायत संतोषीनगर की निवासी मंजू सय्यल आज अपने मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के बल पर सफलता की नई कहानी लिख रही हैं। कभी सीमित संसाधनों के कारण परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल होता था, लेकिन आज मंजू खेती, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, सब्जी बिक्री माध्यम से अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही हैं और व्यवसाय को बढ़ाते हुए किराना दुकान की योजना बना रही हैं।

मंजू सय्यल जय मां लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ी हुई हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। उन्होंने समूह से ऋण लेकर खेती-बाड़ी एवं पशुपालन का कार्य शुरू किया। शुरुआत में चुनौतियां थीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाने लगी और आज महीने के लगभग 30 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।

मंजू अपने खेतों में सब्जी उत्पादन भी करती हैं और प्रतिदिन बाजार में सब्जियां बेचती हैं। जिससे परिवार की आय में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। और आज लखपति दीदी बन चुकी है। खेती को और बेहतर बनाने के लिए कृषि विभाग द्वारा उन्हें सिंचाई हेतु पंप प्रदान किया गया है, जिससे खेतों में समय पर सिंचाई हो पा रही है। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड मिलने से खेती-किसानी के कार्यों में आर्थिक सहूलियत मिल रही है।
शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं ने मंजू के जीवन को नई दिशा दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें पक्का घर मिला, जिससे उनका वर्षों का सपना पूरा हुआ। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण होने से घर में स्वच्छता और सुविधा बढ़ी है। राशन कार्ड के माध्यम से खाद्यान्न भी नियमित रूप से मिल रही है।

मंजू सय्यल कहती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय साबित हुआ। पहले जहां परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी आज मेहनत और शासन की योजनाओं के सहयोग से वे आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और मंजू अन्य महिलाओं को भी समूह से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही l

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