चित्रकूट में मंच पर नेताओं पर भड़के CM योगी, कहा- पीछे हटो: बाढ़ पीड़ितों को चेक बांटने के दौरान फोटो खिंचवाने की होड़ मचा रहे थे नेता, वीडियो वायरल

चित्रकूट में मंच पर नेताओं पर भड़के CM योगी, कहा- पीछे हटो: बाढ़ पीड़ितों को चेक बांटने के दौरान फोटो खिंचवाने की होड़ मचा रहे थे नेता, वीडियो वायरल
*चित्रकूट।* बाढ़ प्रभावित चित्रकूट के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को मंच पर ही स्थानीय नेताओं पर नाराज हो गए। सीएम मंच से बाढ़ पीड़ितों को राहत चेक बांट रहे थे, तभी मंच पर मौजूद कई नेता उनके साथ फोटो खिंचवाने की होड़ में आगे आ गए और गरीबों के आने-जाने का रास्ता रोक दिया।
यह देखकर सीएम योगी नाराज हो गए और हाथ से इशारा कर नेताओं को पीछे हटने को कहा ताकि पीड़ितों को कोई दिक्कत न हो। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
*सुरक्षा जवान पर भी नाराज हुए CM*
इसके बाद सीएम रामघाट का निरीक्षण करने पहुंचे। वहां लोग उन्हें अपनी समस्याएं बता रहे थे, तभी सिक्योरिटी में तैनात एक जवान लोगों को हटाने लगा। इस पर सीएम ने जवान को रोकते हुए कहा- *”बोलने दो, बीच में क्यों आते हो?”*
*CM योगी ने कहा – किसी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा*
CM योगी ने कहा,
> *”चित्रकूट के लोगों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। आपदा की इस घड़ी में सरकार आपके साथ है। जिन परिवारों के घर पूरी तरह बह गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिया जाएगा। जिन जरूरतमंद परिवारों के पास जमीन नहीं है, उन्हें आवासीय पट्टा दिया जाएगा।”*
*CM की 2 बड़ी बातें -*
*1- बाढ़ भयावह थी, कामतानाथ के आशीर्वाद से किसी की जान नहीं गई*
CM ने कहा- इस बार मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया था। बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में नदी पर बना पुल भी बह गया। इसके बावजूद चित्रकूट में किसी की जान नहीं गई। यह कामतानाथ का आशीर्वाद है। सरकार और प्रशासन ने समय रहते राहत-बचाव शुरू किया।
2- 2017 से पहले बाढ़ में बहुत कम राहत मिलती थी
CM ने कहा कि 2017 से पहले बाढ़ के समय लोगों को बहुत कम राहत मिलती थी। अब सरकार ने न सिर्फ राहत की व्यवस्था बढ़ाई है, बल्कि प्रभावित परिवारों को दोबारा बसाने का भी इंतजाम किया है।
चित्रकूट बाढ़ से 36 गांवों में 14 हजार लोग प्रभावित
29 अगस्त को मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से चित्रकूट में भारी तबाही हुई। कई इलाकों में मकानों की एक मंजिल तक पानी भर गया। 100 कच्चे घर जमींदोज हो गए, जबकि करीब 500 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। बाढ़ से 36 गांवों की 14 हजार आबादी प्रभावित हुई।
मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सीमा पर रामघाट-हनुमान धारा को जोड़ने वाले करीब 300 मीटर लंबे पुल का बड़ा हिस्सा बह गया। तुलसीदास की प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त हो गई और कई सड़कें टूट गईं। मंदाकिनी नदी का जलस्तर 23 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था।
राहत कार्य:
CM ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया, मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया। इसके बाद रैन बसेरों में रह रहे बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने 800 प्रभावित परिवारों को 50-50 किलो की राहत किट बांटी, जिसमें दाल, चावल, आटा, आलू, बाल्टी और छाता था। बच्चों को चॉकलेट दी और अफसरों को निर्देश दिया कि राहत पहुंचाने में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।



