गोरखपुर जिला अस्पताल! बदहाल तस्वीर !! व्हीलचेयर नहीं मिली तो तीमारदार मरीज को पीठ पर लादकर ले जाने को मजबूर

गोरखपुर जिला अस्पताल! बदहाल तस्वीर !! व्हीलचेयर नहीं मिली तो तीमारदार मरीज को पीठ पर लादकर ले जाने को मजबूर
गोरखपुर। जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीर उस समय सामने आई, जब एक तीमारदार अस्पताल में अपने मरीज के लिए व्हीलचेयर की मांग करता रहा, लेकिन उसे व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरन तीमारदार को मरीज को अपनी पीठ पर लादकर अस्पताल परिसर में ले जाना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो वहां मौजूद कुछ अन्य तीमारदारों ने बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो ने जिला अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि मरीज को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए तीमारदार ने अस्पताल के एसआईसी से व्हीलचेयर उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन उसे सुविधा नहीं मिल सकी। इसके बाद वह मरीज को पीठ पर लादकर ले जाने को मजबूर हो गया।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब बीते दिनों डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने सीएमओ डॉ. राजेश झा को फटकार लगाई थी और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए थे।
इसके बाद जिलाधिकारी दीपक मीणा ने भी जिला अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अस्पताल की व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा है।
व्हीलचेयर जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में मरीज को पीठ पर लादकर ले जाने की तस्वीरें अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं। मरीजों और तीमारदारों का आरोप है कि अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश तो दिए जाते हैं, लेकिन निरीक्षण के बाद हालात फिर पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं।
अब वायरल वीडियो सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि केवल निरीक्षण और निर्देश देने के बजाय अस्पताल की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि मरीजों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी इस तरह परेशान न होना पड़े।
सीएमओ डॉ राजेश झा ने बताया कि जिला अस्पताल में रखे हुए व्हीलचेयर की देखरेख की जिम्मेदारी सीएमएस के अंडर में आता है। लेकिन मैं इसकी इंक्वायरी करवाता हूं । किसी भी मरीज को दिक्कत होने पाएगी। यह तो पहले से निर्देश है कि जो मरीज चलने में असमर्थ हैं। उन्हें व्हीलचेयर उपलब्ध करवाया जाय। यदि लापरवाही हो रही है तो कार्यवाही भी होगी।



