गोरखपुर अतिक्रमण का आलम: फुटपाथ छोड़िए, सड़क पर भी कब्जा, टेबल-बेंच-ठेले लगाकर घेर रखी हैं दोनों पटरियां

गोरखपुर अतिक्रमण का आलम: फुटपाथ छोड़िए, सड़क पर भी कब्जा, टेबल-बेंच-ठेले लगाकर घेर रखी हैं दोनों पटरियां

घंटाघर से पांडेहाता तिराहे तक चौड़ी की गई सड़क भी अतिक्रमण के सामने बेअसर साबित हो रही हैं। पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए बनाई गई पटरियों पर सिंघोरा, कपड़ा, मच्छरदानी और अन्य दुकानदारों ने कब्जा जमा रखा है। फुटपाथ पर दुकानें सजने के कारण लोगों को सड़क पर चलना पड़ रहा है। इससे घंटाघर से लेकर पांडेयहाता तिराहे पर सड़क पर चलने वालों को दिक्कत होेने लगती है।
शहर में सड़क चौड़ीकरण के बाद लोगों को जाम और अव्यवस्था से राहत मिलने की उम्मीद थी लेकिन धर्मशाला पुल से आगे जटाशंकर की ओर जाने पर हालात इसके उलट दिखाई दे रहे हैं। यहां पैदल यात्रियों के लिए बनाई गई दोनों पटरियां अतिक्रमणकारियों के कब्जे में हैं। करीब 60 से 70 छोटी-बड़ी दुकानों ने फुटपाथ को अपनी दुकान का हिस्सा बना लिया है।
मौके पर समोसा, चाय, पंसारी और अन्य दुकानों का सामान फुटपाथ पर दिखा ही दिखाई देता है। कई दुकानदारों ने टेबल, बेंच और ठेले तक पटरियों पर लगा रखे हैं। सड़क पर आने-जाने वाले लोगों को कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मैकेनिकों ने सड़क को बनाया वर्कशॉपकाली मंदिर से स्टेशन रोड की तरफ जाने वाले तिराहे का मार्ग इन दिनों सड़क कम और वर्कशॉप ज्यादा दिखाई देता है। सड़क चौड़ीकरण के बावजूद यहां दोपहिया और चारपहिया वाहनों के मैकेनिकों ने पटरियों और सड़क किनारे अपना अस्थायी गैराज बना रखा है। मरम्मत के लिए खड़े वाहनों के कारण सड़क की चौड़ाई लगातार कम होती जा रही है।कई स्थानों पर वाहन आधी सड़क तक खड़े दिखाई देते हैं। शाम होते-होते गोलघर क्षेत्र में मरम्मत के लिए आने वाले वाहनों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे यातायात प्रभावित होता है। अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण हर दिन परेशानी झेलनी पड़ती है।



