गाजीपुर : संगठन, शिक्षा और समाज सेवा का मजबूत स्तंभ : पारस नाथ राय

संगठन, शिक्षा और समाज सेवा का मजबूत स्तंभ : पारस नाथ राय
दशकों से समाज उत्थान, शिक्षा विस्तार और संगठन निर्माण में निभा रहे अग्रणी भूमिका
गाजीपुर।गाजीपुर जनपद ही नहीं बल्कि पूर्वांचल की सामाजिक, शैक्षिक और संगठनात्मक गतिविधियों में एक मजबूत पहचान रखने वाले वरिष्ठ समाजसेवी एवं शिक्षाविद पारस नाथ राय आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। अपने छात्र जीवन से ही राष्ट्र निर्माण, संगठन सशक्तिकरण और समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रहे पारस नाथ राय ने वर्षों की सतत मेहनत, अनुशासन और समर्पण से समाज में एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में अपनी पहचान बनाई है।जनवरी 1955 में जन्मे पारस नाथ राय ने उच्च शिक्षा की प्राप्ति देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से परास्नातक कर की, वहीं बीएड की शिक्षा पीजी कॉलेज, गाजीपुर से प्राप्त की। छात्र जीवन से ही उनमें राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना की भावना स्पष्ट दिखाई देती थी। इसी भावना के चलते वे छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और युवाओं के बीच संगठनात्मक नेतृत्व का परिचय दिया।पारस नाथ राय का जुड़ाव लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से रहा है। वर्ष 1986 में उन्होंने संघ के जिला कार्यवाह सहित विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का सफल निर्वहन किया। संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता ने उन्हें समाज में एक मजबूत संगठनकर्ता के रूप में स्थापित किया।वर्तमान समय में वे जौनपुर के सह विभाग संपर्क प्रमुख के रूप में संगठनात्मक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। साथ ही क्रय-विक्रय सहकारी संघ जंगीपुर के अध्यक्ष पद पर रहते हुए सहकारिता क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में सहकारिता और सामाजिक सहभागिता को नई दिशा मिली है।शिक्षा के क्षेत्र में भी पारस नाथ राय का योगदान अत्यंत सराहनीय माना जाता है। वे शबरी महिला महाविद्यालय, सिखड़ी के प्रबंधक के रूप में बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त पं. मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज तथा बाल विद्या भारती विद्यालय के प्रबंधन से जुड़कर उन्होंने शिक्षा में संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रभावना को मजबूत करने का कार्य किया है।उनकी पहचान केवल एक संगठनकर्ता या शिक्षाविद तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज सेवा के प्रति पूर्णतः समर्पित व्यक्तित्व हैं। क्षेत्र के युवाओं को मार्गदर्शन देना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना तथा राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाना उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।उनके पुत्र आशुतोष राय भी सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं तथा भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। वही इनके छोटे पुत्र आशीष राय सम्मानित शिक्षक के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पारस नाथ राय का जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। शिक्षा से संस्कार, संगठन से शक्ति और सेवा से समाज का विकास — इसी विचार को आत्मसात कर उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज और राष्ट्र को समर्पित किया है।आज भी वे निरंतर सक्रिय रहकर समाज, शिक्षा और संगठन को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उनका व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का केंद्र बना हुआ है।



